सिंगरौली जिले में एक गाँव जहाँ अब तक नहीं पहुंची बिजली

सैकड़ा भर आदिवासी परिवार प्र.म. सौभाग्य योजना से वंचित

 

सिंगरौली। जिले के चितरंगी उपखंड में स्थित बडगड़ गांव का निमरी टोला जहाँ लगभग सवा सौ घर हैं, यहाँ अब तक बिजली नहीं पहुंची है। यहाँ पीढ़ियों से आबाद आदिवासी परिवार अंधेरे में ही गुजर बसर कर रहे हैं।

बताया गया है कि चितरंगी तहसील के कतरिहार पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत बडगड़ गांव का निमरी टोला देश की आजादी के 7 दशक बाद भी बिजली की पहुंच से दूर है। इस टोले की आबादी एक हजार के आसपास बताई गई है। यहाँ एक सैकड़ा से अधिक परिवार रहते हैं।

ग्रामीणों का कहना

यहां के ग्रामीण बताते हैं कि पंचायत की लापरवाही के चलते निमरी टोला बिजली सुविधा से वंचित है। यह भी बताया जा रहा है कि निमरी टोला में अधिकांशत: आदिवासी परिवार निवासरत हैं। भोले-भाले आदिवासी कम पढ़े लिखे होने के कारण अपनी समस्या जनप्रतिनिधि विधायक, सांसद तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

फिलहाल निमरी टोला में बिजली सुविधा न होने के कारण यहां के भोले-भाले आदिवासियों को मोबाइल भी चार्ज करना है तो 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर कतरिहार या सीमावर्ती पंचायत बगैया के गांव में जाना पड़ता है। यहां के ग्रामीणों ने सांसद, विधायक, कलेक्टर एवं विद्युत कंपनी के कार्यपालन व अधीक्षण अभियंता का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सौभाग्य योजना के अंतर्गत गांव के इस टोले तक विद्युत प्रकाश पहुंचाने की मांग की है।

नहीं मिला सौभाग्य योजना का लाभ

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने प्रथम कार्यकाल में गांव गांव और घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना प्रारंभ की थी। किन्तु दुर्भाग्य से सौभाग्य योजना के अंतर्गत भी गांव के इस टोले को बिजली का लाभ नहीं मिला।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा संभवत: उनके टोले का सर्वेक्षण नहीं कराया गया जिससे वे बिजली की सुविधा से वंचित रहे हैं। बडगड़ गांव के निमरी टोला निवासी दादूराम पनिका के अनुसार आसपास के पंचायतों में बिजली जगमगाती रहती है। लेकिन हमें मोबाइल भी चार्ज करना है तो दो से तीन किलोमीटर दूर अन्य गांव में जाना पड़ता है। बताया कि यहाँ बिजली के खंभे तक नहीं गड़े। चुनाव के समय ग्रामीणों को तरह-तरह के आश्वासन दिये जाते हैं, किन्तु चुनाव संपन्न होने के बाद वायदों को पूरा करने कोई आगे नहीं आता। बताया कि वह क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है।

कार्यपालन अभियंता (ग्रामीण) का कहना

कार्यपालन अभियंता (ग्रामीण) एमपीईबी/पूक्षेविवि कं. अवनीश सिंह का कहना है कि ऐसे गांव व टोलों का सर्वे किया जा रहा है। कोई भी घर बिजली से वंचित न रहे, इसलिए सूची तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जो घर बने हैं वहां भी बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। जिन घरों में बिजली नहीं पहुंची है वहां भी बिजली के कनेक्शन कराये जायेंगे।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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