आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनीषा आई सुर्खियों में

दुरूह इलाके से गर्भवती महिला को निकाला, सुरक्षित प्रसव के बाद स्वस्थ हैं जच्चा-बच्चा

मध्यप्रदेश। जब परिस्थितियां आपके विरुद्ध हों तो बुलंद हौसले ही ताकत बनकर लक्ष्य तक पहुँचने के लिए मार्ग सुलभ कराते हैं। बड़वानी के दुर्गम पहाड़ी इलाके मेन स्थित गांव पाटी में पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनीषा जमरे ने इसका एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पाटी ऐसा इलाका है जहां एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती। “मिशन उम्मीद’ के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनीषा जमरे अपने जज्बे से जरूरतमंदों को सहायता पहुंचा रही हैं।

क्या किया मनीषा ने

पाटी की आमना नामक महिला गर्भवती थी और उसके सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने का जरूरत पड़ी। आमना असहनीय पीड़ा से तड़प रही थी और उसके घर वाले किंकर्तव्यविमूढ़ थे। तभी मनीषा जमरे ने दो साथियों की मदद से आमना को स्ट्रेचर पर लिटाकर 3 किलोमीटर पथरीली पहाड़ी रास्तों से होकर एंबुलेंस तक लाईं, इसके बाद आमना को एंबुलेंस में गुड़ी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां आमना ने एक पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। मनीषा और उनके जज्बे की चर्चा प्रदेश भर में हो रही है।

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