भाजपा की नई कार्यकारिणी में युवा चेहरों की फौज

विपक्षी दल कांग्रेस को अपने बूढ़े चेहरों के साथ मुकाबले की चुनौती

 

सीधी में भाजपा बनाम काँग्रेस के संगठनात्मक स्थिति पर आर.बी. सिंह ‘राज’ का लेख 

बीते रविवार की देर शाम लंबे इंतजार के बाद भाजपा जिला इकाई सीधी ने अपने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की नई सूची जारी कर दी है। इस नई कार्यकारिणी में पार्टी के युवा चेहरों को भरपूर तरजीह दी गई है, या यूं कहें कि भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी अब पूरी तरह से जवान कंधों के हौसलों पर अपनी अगली राजनीतिक पारी को अंजाम दिया करेगी।
भाजपा की इस नई टीम में युवाओं को भरपूर तरजीह मिलने से पार्टी के भीतर के युवा नेताओं में काफी जोश और हर्ष का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि ये बात भी सच है कि कई महत्वपूर्ण रोल अदा करने वाले पार्टी के प्रति समर्पित सीनियर कार्यकर्ताओं को पार्टी की आपसी खींचतान एवं गुणा गणित के कारण उन्हें इस कार्यकारिणी में कोई भी तवज्जो न मिल पाने के कारण उनके भीतर आंतरिक आक्रोश है।

कांग्रेस में सब रामराज्य है

एक जमाना था जब कांग्रेस के शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री स्व. अर्जुन सिंह के कार्यकाल में सिगरेट के पन्नी पर नियुक्ति होती थी। वहीं पदाधिकारी भी नियुक्त होते थे। लेकिन अब जमाना बदल गया है। सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफार्म पर भी लोग सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में अब कांग्रेस ये माने कि पुराने कांग्रेसी को ही ढोने से ही कांग्रेस की भलाई होगी तो ये पार्टी की मजबूती के लिए एक रूढ़िवादी सोच होगी। ऐसी स्थिति में कांग्रेस को अपने परंपरागत ढर्रे को अब सुधारने की जरूरत है।

कांग्रेस को नई फसल को सामने लाने की दरकार

जिस तरह भाजपा ने युवाओं को जिला कार्यकारिणी में महत्व दिया है उसी तर्ज पर अब कांग्रेस को भी नई कार्यकारिणी बनाकर पार्टी की नई फसल वाले चेहरों को महत्व देने की जरूरत है। हालांकि नई कार्यकारिणी कांग्रेस की बनना अभी मुश्किल है फिर भी युवा कांग्रेसी नेताओं को महत्व नहीं मिलेगा तो पार्टी की दुर्गति होना तय माना जा सकता है। हालांकि अब प्रदेश स्तर से आदेश जारी होगा तो मजबूरन कांग्रेस में फेरबदल हो सकता है परन्तु अभी स्थितियां नहीं दिख रही हैं।

कब तक बूढ़े कंधों के सहारे चलेगी कांग्रेस कमेटी

जिला कांग्रेस कमेटी सीधी के पदाधिकारियों पर यदि गौर किया जाए तो यहां नेताओं के उम्र की हालत ये है कि पार्टी में 45 से लेकर 70 वर्ष तक के बूढ़े कंधों और बूढ़े जोश के लोग पार्टी के भीतर पदाधिकारी बने लंबे समय से मोर्चा संभालने की असफल कोशिश करते रहे हैं।
कुछ कम उम्र के भी नेता कमेटी में शामिल हैं लेकिन ज्यादातर नेता उम्र दराज ही माने जाते हैं। ऐसी स्थिति में युवा नेता अपने बुजुर्ग नेताओं के सामने अपने मन की बात खुलकर नहीं रख पाते हैं साथ ही इन युवा नेताओं को बुजुर्ग पदाधिकारियों द्वारा वाजिब महत्व भी नहीं दिया जाता है। कुल मिलाकर अब कांग्रेस कमेटी को नये सिरे से बदलने की जरूरत है। जब तक कमेटी नहीं बदली जाएगी तब तक यही स्थितियां निर्मित होती रहेंगी।

 

हर समाज को महत्व देने की है जरूरत : बाबा

 

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा ने कहा कि भाजपा ने युवाओं को ज्यादा कार्यकारिणी में शामिल किया है, इसका मतलब ये नहीं कि युवा के दम पर भाजपा कोई बड़ा कारनामा कर सकती है। लेकिन ये सही है कि कांग्रेस में भी फेरबदल होने की जरूरत है। उन्होने कहा कि प्रदेश के प्रभारी मुकुल वासनिक द्वारा 26 जून को इसी मामले को लेकर बैठक बुलाई गई थी लेकिन स्थगित हो गयी है। फिर भी मेरे हिसाब से उम्र बंधन तो नहीं होना चाहिए लेकिन कमेटी को नये विस्तार करने की जरूरत है। उन्होने कहा कि प्रदेश में नेताओं से बातचीत हो गई है उनसे अभी कार्यकारिणी के बदलाव को लेकर स्वीकृति नहीं मिली है। लेकिन जैसे ही अनुमोदन होगा बदलाव किया जाएगा।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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