भामसं ने किया वृहद पौधरोपण

अमृता देवी की जयंती को पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया

सिंगरौली, मध्यप्रदेश। हरे वृक्षों को काटने के विरोध में वीरांगना स्वर्गीय श्रीमती अमृता देवी विश्नोई जिन्होंने अपने तीन पुत्रियों के साथ ही विश्नोई समाज के 363 साथियों को संघर्ष में गंवा दिया, उनकी जयंती 28 अगस्त के तारतम्य में बीएमएस के संगठन भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ सिंगरौली द्वारा पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया गया।

दिवस की महत्ता पर हुई चर्चा

इस अवसर पर एनसीएल की सभी परियोजनाओं में सैकड़ों की संख्या में संगठन के लोगों ने रोपण किया। केंद्रीय कृत कार्यक्रम के तहत विवेकानन्द विद्यालय एवं केन्द्रीय कर्मशाला में पौधरोपण एवं संगोष्ठी का कार्यक्रम में बताया गया कि राजस्थान के जोधपुर से 28 किलोमीटर दूर स्थित खेजड़ली गांव में दिनांक 28 अगस्त सन 1730 को हरे वृक्षों को काटने के विरोध में राजस्थान की वीरांगना श्रीमती अमृता देवी विश्नोई अपने तीन पुत्रियों एवं विश्नोई समाज के 363 साथियों ने संघर्ष करते हुए अपना बलिदान दे दिया था। उन्हीं की याद में भामसं प्रत्येक वर्ष 28 अगस्त को पर्यावरण दिवस मनाते हुए वृक्षारोपण करता है।

इनकी रही भूमिका

उसी कड़ी को आगे बढाते हुए भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ सिंगरौली शाखा केंद्रीय कर्मशाला जयंत के द्वारा सीडब्ल्यूएस पार्क एवं दुर्गा मंडप के प्रांगण में वृक्षारोपण कराया। इस अवसर पर महाप्रबंधक केंद्रीय कर्मशाला जयंत रेजाउर रहमान, कार्य प्रबंधक प्रतीक सिन्हा, महाप्रबंधक प्रणाली विभाग रतन कुमार, स्टाफ अधिकारी वित्त सुनील कुमार, अध्यक्ष शशिपाल सिंह, सचिव पुरुषोत्तम कुमार, वरिष्ठ कार्यकर्ता उमेश प्रसाद द्विवेदी, नागेश्वर पटेल, गोपाल चंद्र, कमलेश कुमार, बृजेश चौधरी, धीरेंद्र नाथ महतो, बृजेश यादव, राजेंद्र कुमार, अनिल जौहरी, विनोद कुमार साह, नवीन कुमार, बृजेश गिरी, अजय सिंह, अजीत मौर्य, गिरजा पति, सूरज गुप्ता, राजू पैकरा, बृजेंद्र मिश्रा, राजेश कुमार, दिलेंद्र मुंडा, डी के सैनी, आर पी सिंह, संतोष कुमार पांडे एवं नरेंद्र पटेल आदि कार्यकर्ताओं के साथ 80 फलदार एवं छायादार वृक्षारोपण का कार्य किया गया।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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