कियोस्क की आड़ में ग्रामीणों से धोखाधड़ी करने वाले जालसाज के विरुद्ध प्रकरण दर्ज

डुप्लीकेट फिंगर स्किन बनाकर बैंक खाते से उड़ा लेता था लाखों रुपए, मोरवा पुलिस ने की कार्यवाही

सिंगरौली। मोरवा पुलिस ने क्षेत्र के भोली भाली ग्रामीण जनता से पैसों की ठगी करने वाले शातिर कियोस्क संचालक के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीकृत किया है। आरोपी आयुष्मान कार्ड बनाने के बहाने लोगों का डुप्लीकेट फिंगर स्क्रीन बनाकर उनके खाते से पैसों की ठगी करता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 1 जुलाई को मेढौली निवासी बसंती बसोर ने मोरवा थाने में तहरीर दी थी कि उसे जमीन विस्थापन के लिए बतौर मुआवजे के तौर पर रु.1 लाख 60 हज़ार उसके बैंक खाते में दिया गया था। जिसे अज्ञात आरोपी द्वारा उसके खाते से निकाल लिया गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए सिंगरौली पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह के निर्देश पर मोरवा पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजीव पाठक के मार्गदर्शन व निरीक्षक मनीष त्रिपाठी के सतत निगरानी में विवेचना में लगी पुलिस टीम को पता चला कि ग्राम मढौली का देवी दयाल बसोर पिता मनबोध बसोर निवासी तियरा ग्राम मझौली थाना कोतवाली बैढ़न हाल मुकाम मेढौली एक कियोस्क संचालक है, जो घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य भी करता है। उसी ने महिला के साथ धोखाधड़ी कर पैसे का ठगी किया है।

दिल्ली से पकड़ा गया फ़रार आरोपी

पुलिस की जांच पड़ताल के बीच सूचना मिलते ही आरोपी क्षेत्र से फरार हो गया था। छानबीन में पता चला कि वह दिल्ली में बैठा है। जिसके बाद पुलिस टीम द्वारा कड़ी मशक्कत से उसे दिल्ली से लाकर पूछताछ की गई। जिसमें उसने खाते से पैसे निकालना कबूल किया। पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि उसके द्वारा करीब दो दर्जन लोगों के डुप्लीकेट थम्ब स्क्रीन बनाकर उनके खातों से भी पैसे निकाले गए हैं। वहीं बुजुर्ग महिला के पैसे से आरोपी ने नई पल्सर बाइक खरीद ली।

पुलिस कार्यवाही

पुलिस ने बाइक, लैपटॉप, कंप्यूटर समेत घटना में प्रयुक्त करीब दो लाख से ज्यादा का समान जप्त किया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 415/21 धारा 420, 467, 474, 475 आईपीसी का अपराध दर्ज किया है तथा आरोपी का कथन लेकर उसे नोटिस देकर फिलहाल छोड़ दिया है।

यूट्यूब से सीखा ठगी का तरीका

पुलिस के पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सोशल मीडिया के जरिए यूट्यूब चैनल देखकर यह ठगी का यह तरीका सीखा है। उसके द्वारा आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने लोगों की नकली फिंगर स्किन तैयार की जाती थी और उसका दुरुपयोग कर उनके खातों से पैसे का हरण कर लिया जाता था।

कार्यवाही में इनकी रही भूमिका

उक्त कार्रवाई में उप निरीक्षक सरनाम सिंह बघेल, विनय शुक्ला, खेलन सिंह करिहार, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, संजय सिंह परिहार, अरविंद चतुर्वेदी, अर्जुन सिंह तोमर एवं साइबर सेल से आरक्षक शोभाल वर्मा, दीपक परस्ते शामिल रहे।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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