मृत एटीएम धारक के परिजनों को मिला दुर्घटना बीमा का दो लाख

जानकारी के अभाव में कईयों को नहीं मिल पाता एटीएम बीमा का लाभ- नितिन

सिंगरौली। आपको पता होना चाहिए कि यदि आपका किसी भी बैंक में खाता है और आप एटीएम का उपयोग करते हैं तो आप दुर्घटना बीमा के कवर में हैं। एटीएम का लाभ सिर्फ रुपए निकालने या भुगतान करने में नहीं होता बल्कि इससे कई और सुविधाएं का लाभ भी धारक को मिलता है, जिसमें दुर्घटना बीमा भी एक है।

यूबीआई प्रबंधक ने बताया

यूनियन बैंक शाखा मोरवा के प्रबंधक नितिन पटेल ने बताया कि कई लोगों को एटीएम कार्ड की अन्य सुविधाओं की जानकारी नहीं रहती है। एटीएम कार्ड धारक चाहे वह सार्वजनिक बैंक का हो या फिर प्राइवेट बैंक का, कार्ड जारी होने की तिथि से ही उसके धारक का दुर्घटना कवर होता है। इस नियम की जानकारी न तो खाता धारक को होती है और न ही बैंक इस नियम का प्रचार ही करती हैं।

नियम का लाभ उठाने के लिए खाते का सक्रिय होना जरूरी

इस नियम का फायदा उठाने के लिए खाते का सक्रिय होना आवश्यक है। बैंक में अकाउंट खुलने के बाद जैसे ही एटीएम आपको मिलता है बीमा पॉलिसी लागू हो जाती है। बैंक की तरफ से बीमा करवाया जाता है। इस योजना के तहत एटीएम धारक की दुर्घटनावश मौत होने के बाद उनके परिवार को बीमा राशि बैंक द्वारा ही प्रदान की जाती है। सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र में हुई एक दुर्घटना में एक युवक की साथ हुआ है। सड़क दुर्घटना में हुई उसकी मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा आवेदन करने के महज 1 माह के भीतर यूनियन बैंक मोरवा शाखा द्वारा उसके पिता को इंश्योरेंस की 2 लाख की राशि प्रदान कर दी गई।

घटना दिसंबर 2020 की

बीते 3 दिसम्बर को ग्राम ख़िरवा निवासी महेंद्र कुमार बैस की मौत एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। कुछ माह बीत जाने के बाद किसी जानकार की सलाह पर उसके पिता रामशरण बैस ने यूनियन बैंक शाखा मोरवा में सम्पर्क किया। जहाँ उनके बेटे का बचत खाता था। वह यूनियन बैंक के एटीएम कार्ड का धारक था। बैंक कर्मियों की सलाह पर मृतक के पिता ने आवश्यक पत्राचार कर महज 1 माह के भीतर बीमा की 2 लाख रुपए की राशि प्राप्त कर ली। यह राशि दुर्घटना बीमा क्लेम में उन्हें नामिनी के तौर पर मिलनी थी।

सौंपा बीमित राशि का चेक

कल बैंक प्रबंधक नितिन पटेल ने स्वयं 2 लाख का चेक मृतक के पिता को देते हुए बताया कि ज्यादातर खाता धारकों को जानकारी नहीं होती। सिंगरौली जिले में ज्यादातर मौतें सड़क दुर्घटना में ही होती हैं। कई बार दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों को आर्थिक संकट से भी जूझते देखा गया है। ऐसे में लोगों की जागरुकता से उनके परिवार वालों को कुछ सहायता मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी बैंक कर्मियों को अपने खाताधारकों को एटीएम से होने वाले बीमा उसके लाभ के बारे में जानकारी प्रदान करनी चाहिए।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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