कोतवाली पुलिस ने अंधी हत्या का किया पर्दाफाश,हत्यारोपित गिरफ्तार, मृतक का मोबाईल बरामद

सिंगरौली। कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम कचनी में हुई अंधी हत्या प्रकरण से पर्दा हट गया है। पुलिस ने घटना के 48 घंटे के अंदर इसका खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस अधीक्षक ने पीसी में बताया

पुलिस अधीक्षक बीरेन्द्र कुमार सिंह ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में अंधी हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि गत 25 मार्च को सुबह कोतवाली बैढन थाना क्षेत्र के ग्राम कचनी में डीहबाबा रोड़ में स्थित अशोक कुशवाहा की बाउंड्री में नवानगर थानांतर्गत ग्राम दसौंती निवासी रामकैलाश पिता रामबरन साहू उम्र 50 का सिर कुचला हुआ रक्त रंजित शव मिला था। उक्त हत्याकांड से गांव में सनसनी का माहौल रहा। घटना की सूचना मृतक के भतीजे रामअनुज ने कोतवाली पुलिस को दी थी।

मामला सनसनीखेज होने की दशा में पुलिस अधीक्षक श्री सिंह स्वयं, एडिशन एसपी अनिल सोनकर, नगर पुलिस अधीक्षक देवेश पाठक घटनास्थल पहुंचे और मौका मुयायना किया। एसपी श्री सिंह ने सीएसपी देवेश पाठक व कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार पाण्डेय को हत्या के खुलासे के लिए निर्देशित किया और पर्यवेक्षण के लिए एएसपी श्री सोनकर को जिम्मेदारी सौंपी।
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक श्री पाण्डेय ने घटना के खुलासे के लिए तीन अलग -अलग पुलिस टीम गठित की। जिसमें पुलिस ने अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आधा दर्जन से अधिक संदेहियों से थाना बुलाकर पूछताछ की।

इसमें खुलासा हुआ कि गत 24 मार्च की रात मृतक रामकैलाश के साथ कचनी निवासी रमेश कुमार शाह पिता पिता रामशरण शाह उम्र 22 वर्ष देखा गया था। जांच के दौरान मृतक का सीडीआर भी प्राप्त किया गया। मृतक के मोबाइल फोन से रात लगभग 12 बजे कचनी के ही शिवकुमार शाह के मोबाइल पर की गई थी। कोतवाली पुलिस ने प्राप्त तथ्यों के आधार पर कचनी निवासी रमेश कुमार शाह से बारीकी से पूछताछ की जिसमें उसने जघन्य हत्या का अपना जुर्म स्वीकार किया। हत्या के आरोपी रमेश ने बताया कि उसने लूट की नीयत से रामकैलाश की हत्या की थी।

आरोपी ने बताया कि 24 मार्च की रात तकरीबन पौने ग्यारह बजे वह कचनी में कृष्णा मंदिर के पास चबूतरे पर बैठा था, तभी मृतक उसके पास आकर बैठ गया और बोला शराब पीना है जाकर शराब ले आओ।फिर दोनों साथ में पीते हैं। उसने 120 रुपये आरोपी को अपनी जेब से निकालकर दिया था तब रमेश को लगा कि रामकैलाश बहुत पैसा रखा है। रमेश ने रामकैलाश की फूली हुई जेब देखकर लूटने का इरादा बना लिया और उसे सुनसान जगह पर ले जाने की योजना बनाई।

पहले से ही शराब के नशे में धुत्त रामकैलाश जैसे ही डीहबाबा रोड़ की बाउंड्री के पास पहुंचा, रमेश ने उसे जमीन पर गिरा दिया। इस दौरान विरोध करने पर उसने रामकैलाश के सिर पर पत्थर पटक पटककर बुरी तरह से कुचल दिया। इस घटना में रामकैलाश की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद रमेश ने मृतक की जेब से 740 रुपये नगदी व मोबाइल लूट लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा गया मोबाईल, 740 नगदी, खेत में फेंका सिम, आरोपी के खून के धब्बे युक्त कपड़े ज़ब्त किये हैं।

पुलिस कार्यवाही

पुलिस ने हत्यारोपित के खिलाफ भादवि की धारा 302, 394, 379 दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। घटना के खुलासे में एडिशनल एसपी अनिल सोनकर, सीएसपी देवेश पाठक, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, उप निरीक्षक रामजी शर्मा, एएसआई पप्पू सिंह, रजनीश उपाध्याय, डीआर सिंह, कृष्णेन्द्र सिंह, आरक्षक जितेन्द्र सेंगर,महेश पटेल,रामनाथ सिंह, राजकुमार द्विवेदी, सैनिक राम शुशील शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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