लेफ़्टीनेंट डॉ॰ आदित्य पुनियानी ने सिंगरौली का बढ़ाया मान

सिंगरौली। एनसीएल के महाप्रबंधक (वित्त) एवं केन्द्रीय विद्यालय सी डब्ल्यू एस जयंत में पदस्थ पीजीटी- इंग्लिश रोज़ी पुनियानी के द्वितीय सुपुत्र आदित्य ने अपनी उपलब्धियों से सिंगरौली का मान बढ़ाया है। आदित्य ने देश के गौरवशाली आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की। उनकी कमीशनिंग अब भारतीय सेना में मेडिकल ऑफिसर के रूप में की गई है।

कमीशन्ड मेडिकल ऑफीसर आदित्य की स्कूल शिक्षा डीपीएस निगाही से हुई। कक्षा 12 वीं को अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कर उन्होंने कोटा स्थित एक प्रतिष्ठित करियर कोचिंग इंस्टीट्यूट से मेडिकल की तैयारी की और राष्ट्रीय प्रवेश पात्रता परीक्षा (नीट) को अच्छे अंकों से उत्तीर्ण किया। नीट में श्रेष्ठ रैंकिंग की वजह से देश के जाने माने प्रतिष्ठित मेडिकल इंस्टीट्यूट सशस्त्र सेना मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) पुणे से चिकित्सा की पढ़ाई पूर्ण कर मेडिकल ऑफिसर के रूप में पास आउट हुए हैं।

सेना के नये 110 कमीशन्ड अफसरों में आदित्य भी शामिल

देश की तीनों सेनाओं को 110 कमीशंड मेडिकल ऑफिसर मिले हैं जिनमें आदित्य भी शामिल हैं। ये देश के विभिन्न क्षेत्रों में तीनों सेनाओं की सेवा में तत्पर रहेंगे। उन्हें मानवता और देश की सेवा का अवसर मिलेगा और वे निश्चित रूप से श्रेष्ठता की मिसाल बनेंगे। इस राष्ट्रीय आपदाकाल में ऐसे ही फ्रंट लाइन वर्कर्स की अति आवश्यकता है। विशिष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले सिंगरौली के होनहार लाड़ले आदित्य की बचपन से ही अध्ययन के अतिरिक्त तबला, गिटार तथा हार्मोनिका वादन में विशेष रुचि रही। हार्मोनिका वादन की प्रेरणा इन्होंने अपनी माताश्री से प्राप्त की जो स्वयं न केवल सिंगरौली क्षेत्र अपितु हार्मोनिका वादन में देश में भी प्रतिष्ठित हैं। इसके अलावा बैडमिंटन और टेबल टेनिस में भी रुचि रखते हैं अपने कॉलेज में रैकेट क्लब एवं कंप्यूटर क्लब के सचिव रह चुके हैं। विद्यालयीन शिक्षा में वे हमेशा अच्छे स्कॉलर रहे।

डीपीएस के प्राचार्य ने कहा- प्रेरणाप्रद है आदित्य की उपलब्धि

दिल्ली पब्लिक स्कूल निगाही के प्राचार्य एस एस थापर ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आदित्य की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार गौरवान्वित है। इनसे प्रेरणा लेकर विद्यालय के अन्य नौनिहाल भी आसमान की बुलंदियों को छुएंगे और ऐसे ही गौरवशाली तथा अविस्मरणीय परंपरा को अक्षुण बनाए रखने के लिए प्रेरित होंगे। आदित्य की इस उपलब्धि पर परिजनों, रिश्तेदारों, विद्यालय एवं महाविद्यालय के गुरुजनों ने बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामना व्यक्त की है।

कठिन परिश्रम से कुछ भी असंभव नहीं- ले. आदित्य

लेफ़्टीनेंट डॉ॰ आदित्य का कहना है कि कठिन परिश्रम से कुछ भी असंभव नहीं है। यह हमारे क्षेत्र के नवयुवकों लिए एक प्रेरणा मूलक सकारात्मक संदेश है।

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