गहरे खदान व दुर्गम घटनास्थल से दो किमी पैदल यात्रा कर मोरवा पुलिस ने निकाला मृतका का शव

पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही प्रशंसा

सिंगरौली। बीते सोमवार से लापता 14 वर्एष की किशोरी का शव गुरुवार को एनसीएल की जयंत खदान में लगभग 100 फीट गहराई में मिलने के बाद शव को वहाँ से बाहर निकाल कर पीएम कराने की चुनौती मोरवा पुलिस के सामने खड़ी थी।मृतका के परिजनों ने भी हाथ खड़े कर दिये तब एसडीओपी राजीव पाठक के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने शव को अपने हाथों खदान के 2 किलोमीटर तक पैदल चलकर दुर्गम दूरी तय कर शव को अंत्यपरीक्षण हेतु भेजा।

एसडीओपी राजीव पाठक, मोरवा टीआई मनीष त्रिपाठी एवं पुलिस टीम की इस संवेदनशीलता की तारीफ हो रही है।

गत सोमवार से लापता मृतका किरण खैरवार का शव गुरुवार को एनसीएल की जयंत कोयला खदान में 100 फीट गहरे डिस्चार्ज चैनल में मिला था। घटनास्थल तक किसी भी वाहन या मशीन के जाने के लिए रास्ता सुगम नहीं होने से किशोरी के शव का पोस्टमार्टम कराने में कठिनाई हो रही थी। दूसरी ओर परिजनों द्वारा शव उठाने में असमर्थता जताने के बाद मोरवा पुलिस की टीम ने किशोरी के शव को स्वयं खदान से बाहर खड़े वाहन तक लाया और पोस्टमार्टम करानेे के बाद परिजनों को सौंप दिया।

संवेदनशील कार्रवाई दल

एसडीओपी राजीव पाठक के मार्गदर्शन में मोरवा पुलिस टीम के डी एन सिंह, अरविंद चौबे, संजय सिंह परिहार व संतोष सिंह सहित एनसीएल के सुरक्षा विभाग के संदीप कुमार, सत्येंद्र पाण्डेय व अनिल डुफरे ने दृढ़ता दिखाई और किशोरी के शव को खदान के 2 किमी लंबे दुर्गम रास्ते को तय कर वाहन तक लाया।

गौरतलब है कि गत दिनों जिले के एक चौकी क्षेत्र में एक किशोरी के शव को परिजनों द्वारा कंधे पर रखकर पोस्टमार्टम कराने के लिए लाया जाना खबर बनी थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा चौकी प्रभारी व अन्य पुलिस सेवकों को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन लोगों के मन में पुलिस के प्रति नकारात्मक सोच उत्पन्न हुई थी। अब यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता को स्थापित करने में अवश्य ही सहायक होगी।

जनता की सुरक्षा व सेवा पुलिस का कर्तव्य- एएसपी सोनकर

मोरवा पुलिस के मानवतापूर्वक किये गए इस कार्य की सराहना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर ने भी की। उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य जनता के जान-माल की सुरक्षा के साथ उनका सेवा करना भी है। पुलिस अपराधियों को पकड़कर न्यायालय में भेजकर सजा दिलवाने के अलावा जनता की हर तरह से मदद, सुरक्षा व सेवा के लिए है। पुलिस को अपने सेवा भाव से जनता के बीच यह विश्वास स्थापित करना चाहिए कि हालात चाहे जैसे भी हों पुलिस आपके साथ रक्षक व सेवक की तरह खड़ी है। एएसपी सोनकर ने कहा कि मोरवा पुलिस व खदान की सेक्युरिटी टीम द्वारा शव को 2 किमी पैदल चलकर अपने हाथों से निकालना प्रसंशनीय है। इसी तरह पुलिस को सेवा भाव से जनता की सुरक्षा व सेवा करना है।

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