लुप्तप्राय बैगा जनजाति का करें संरक्षण : राजीव रंजन

कलेक्टर ने नॉर्दन कोलफील्ड्स लि. के सीएमडी को लिखा पत्र

 

मुड़वानी डैम के प्राकृतिक सौंदर्य व बैगा जन जाति परिवारों के संरक्षण की कवायद

सिंगरौली, मध्यप्रदेश। जयंत मार्ग पर कोयला खदानों के मध्य स्थित मुड़वानी डैम के आस पास दशकों से आबाद लुप्तप्राय जनजाति बैगा के परिवारों को खदान के ओवर बर्डन से सुरक्षा एवं उन्हें संरक्षण प्रदान करने की दिशा में कलेक्टर सिंगरौली राजीव रंजन मीना ने संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने नॉर्दन कोलफील्ड्स लि. (एनसीएल) के सीएमडी प्रभात कुमार सिन्हा को पत्र भेजकर ओबी डंप के कटाव बहाव को रोकने के लिए अविलंम्ब कार्यवाही करने को कहा है।

कलेक्टर ने भ्रमण कार्यक्रम में जाना बैगा परिवारों का दु:ख दर्द

गत दिवस कलेक्टर श्री मीना ने राजस्व एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ मुड़वानी ग्राम का भ्रमण कर वहाँ निवासरत बैगा परिवारों से शासन द्वारा दी जाने वाली जन कल्याणकारी योजनाओं सहित खाद्यान आदि की उपलब्धता के संबंध मे जानकारी ली गई थी। इस भ्रमण के दौरान मुड़वानी के बैगा परिवारों द्वारा एनसीएल के ओबी डंप के कारण होने वाली समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया गया। जिसे गभीरता से लेते हुये कलेक्टर ने ओबी के बहाव की स्थिति का अवलोकन किया गया तथा इस संबंध में कलेक्टर द्वारा अध्यक्ष सह प्रबंध निर्देशक एनसीएल को आशय से संबंधित पत्र भेजा गया।

जिले में एनसीएल की जयंत एवं निगाही कोयला परियोजनाओं में कोयला खनन हेतु भारी मात्रा में ओबी का उत्खनन कर उसे मुड़वानी डैम के आस पास डम्प किया जा रहा है। डैम के भराव क्षेत्र में डम्प की गई ओ.बी. (अधिभार) का बरसात के मौसम में तीव्र गति से होने वाले कटाव से उसका मलबा डैम सहित आसपास के क्षेत्र में फैल जाता है। इससे डैम में भराव की स्थिति उत्पन्न होती है।

डैम में भराव व प्राकृतिक संपदा एवं जनजाति को भारी छति का अंदेशा

कलेक्टर ने पत्र के माध्यम से सीएमडी एनसीएल को अवगत कराया कि ओबी के बहाव से मुड़वानी ग्राम के प्रकृतिक पर्यावरण को भी काफी क्षति होती है। उन्होंने अवगत कराया कि मुड़वानी डैम के आस पास बैगा जन जाति के लोग निवास करते हैं। यह गांव उनका पुस्तैनी निवास स्थल है। बैगा जन जाति अत्यन्त संवेदनशील एवं पूरी तरह से प्रकृतिक वातावरण में रहने वाली जन जाति है। ओबी के अत्याधिक कटाव से बस्ती में निवासरत लोगों में भय का वातावरण निर्मित हो रहा है। उपरोक्त को दृष्टिगत रखते हुये मानवीय दृष्टिकोण से उचित व्यवस्था कराना, ओबी के कटाव बहाव को रोकने हेतु सभी ढलानों पर भी उचित व्यवस्था कराया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की जन व धन हानि से बचा जा सके।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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