रेत के अवैध भंडारण- परिवहन मामले में हुई छापामार कार्रवाई

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पनपे खनिज माफिया, कहीं कहीं हो रही लगाम लगाने की कार्यवाही

सिंगरौली, मध्यप्रदेश। प्रदेश का धुर पूर्वोत्तरी हिस्से में उ.प्र. व छत्तीसगढ़ के सीमाओं पर स्थित औद्योगिक जिला सिंगरौली सत्तारूढ़ दल के कतिपय नेताओं की सरपरस्ती में चिट फंड घोटाला मामलों के साथ ही खनिज व रेत माफियाओं के ऐशगाह के रूप में भी चर्चित हो रहा है। मानवता को पोषित करने वाली प्रकृति व धरती माता की कोख को उजाड़ने से संबंधित जरायम पेशे पर लगाम लगाने की औपचारिक कवायदों के बीच कहीं कहीं गंभीर कार्यवाही भी चल रही है। बीते दिनों देवसर एसडीएम का पदभार संभालने के बाद आईएएस आकाश सिंह ने रेत माफियाओं के विरुद्ध जो अभियान चलाया है, वह सुर्खियों में है।

कार्यवाही से अवैध कारोबारियों में हड़कंप

जीवन दायिनी नदियों के गर्भ से अवैध रेत का उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर शासन की तमाम कवायदें कोरी कागजी सिद्ध हो रही हैं। खनिज माफिया स्वयं एवं अपने सरपरस्तों के लाभ के लिए इस गोरखेधंधे को बेरोकटोक, निर्भय होकर चला रहे हैं। ऐसे में इन कृत्यों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में हाल ही आए आईएएस आकाश सिंह जिन्हें एसडीएम देवसर का प्रभार दिया गया है, उन्होंने मुहिम छेड़ दी है। इस अप्राकृतिक अवैध धंधे को थामने के लिए एक अभियान चला दिया और अपनी मुहिम के अंतर्गत अब तक जेसीबी डंपर ट्रकों व ट्रैक्टर आदि को सीज़ करने की कार्यवाही की है।
एसडीएम की निरंतर कार्रवाईयों से रेत माफियाओं में भय और आतंक की स्थिति है तो दूसरी ओर सत्ता दल के नेता जो माफियाओं के संरक्षक बताए जा रहे हैं, वे एसडीएम सिंह को अपने मार्ग का रोड़ा मानने लगे हैं और रास्ते से हटाने की जुगत करते सुने जा रहे हैं।

कार्यवाही व जप्ती

सिंगरौली जिले के देवसर उप खण्ड में रेत माफियाओं द्वारा ग्राम ढोंगा स्थित शा. हाईस्कूल के समीप अवैध रेत का भारी मात्रा में भंडारण होने की पुख्ता सूचना पर रेत माफियाओं के अड्डे पर छापामार कार्रवाई कर एसडीएम आकाश सिंह, आईएएस ने तीन ट्रैक्टरों के जप्ती की कार्यवाही कर दी। राजस्व विभाग की कार्यवाही के बाद अब जियावन थाना की पुलिस भी हरकत में आई है।

निर्भय हैं घोटालेबाज चिटफंड कंपनी के लोग

चर्चा है कि जिले में अवैध खनिज व कबाड़ के कारोबारी राज्य शासन के राजस्व का हरण करने के साथ ही पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। वहीं जिले के नागरिकों की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपया डकारने वाली चिटफंड कंपनियों से जुड़े लोग आम जनता की पसीने की कमाई को लूटकर इज्ज़त का लबादा ओढ़कर वीआईपी गलियारों की रौनक ही नहीं सरकारी आयोजनों में सम्मानजनक कुर्सी भी पा रहे हैं। इससे शासन के साथ ही सिद्धांतवादी व राष्ट्रवादी पार्टी की छवि भी नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है। चर्चा यह भी है कि कतिपय नेताओं की सरपरस्ती होने के कारण शासकीय व्यवस्था भी किंकर्तव्यविमूढ़ है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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