🔴मध्यप्रदेश के मझौली वन में मिला दुर्लभ प्रजाति का पैंगोलिन

वन अमले ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

singralitimes.com

[आर.बी.सिंह राज]

मध्य प्रदेश, मझौली,सीधी

वन एवं वन्य संपदा से भरपूर सीधी जिले के नगर परिषद मझौली में मंगलवार की रात को नगरवासी एक दुर्लभ वन्यजीव को देखकर भौचक्का रह गए। आनन-फानन में इसकी जानकारी वन अमले और संजय टाईगर रिजर्व को दी गई। जानकारी मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी अपनी रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचकर पैंगोलिन प्रजाति के दुर्लभ वन्य जीव को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया।

बताया गया है कि वन परिक्षेत्र मझौली अंतर्गत नगर परिषद मझौली के वार्ड क्रमांक 8 में 15 नवंबर की रात लगभग 9 बजे लोगों द्वारा अपरिचित दुर्लभ जीव देखा गया जिसकी सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी मझौली मनीष पाण्डेय को दी गई। सूचना पाते ही वन परिक्षेत्राधिकारी अपनी टीम के साथ पहुंचकर दुर्लभ प्रजाति के जीव को रेस्क्यू ऑपरेशन कर पकड़ा। जीव की पहचान दुर्लभ प्रजाति के पैंगोलिन के रूप में की गई। जिसे संजय टाइगर रिजर्व की टीम के मदद से रात्रि लगभग 9:30 बजे गडुहा बीट में सुरक्षित छोड़ा गया।

Pangolin- a rare species. Rescued and rehabilitated in Sanjay Gandhi reserve forest.

दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन की हैं 8 प्रजातियाँ

वन परिक्षेत्राधिकारी मनीष पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया गया कि ये दुर्लभ प्रजाति का जीव भारतीय पैंगोलिन है जिसका वैज्ञानिक नाम मैनिस क्रैसिकाउडाटा है। ये पैंगोलिन प्रजाति जीव भारत, श्रीलंका और भूटान के कई मैदानी व हल्के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसकी 8 प्रजातियां होती हैं उसमें से यह एक है। पैंगोलिन प्रजाति की तरह ये भी अकेला रहना पसंद करता है। नर एवं मादा जीव का मिलन मात्र प्रजनन काल के समय होता है।

अंधविश्वास के कारण होता है इसका वध

बताया गया कि रोग निवारण की झूठी और अंधविश्वासी अफवाहों के कारण इसका अत्याधिक शिकार होता है। जिस कारण ये विलुप्त होने की कगार पर है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह जीव संकटग्रस्त माना जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में चले जाते हैं रिज़र्व फॉरेस्ट के जीव

बताते चलें कि संजय टाईगर रिजर्व में पल रहे वन जीव ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। संजय टाईगर रिजर्व मझौली, कुसमी के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों से सटा हुआ है। इस कारण वन्य जीव गांवों एवं नगरों की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। जिसकी जानकारी मिलने पर संजय टाईगर रिजर्व का वन अमला उनका रेस्क्यू कर उन्हें पुन:जंगल में छोड देता है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button