पूर्व मध्य रेल में जारी रहेगा 279 जोड़ी एक्सप्रेस तथा 35 जोड़ी पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन

बंद ट्रेनों को भी जल्द चलाये जाने का प्रस्ताव

सिंगरौली/हाजीपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित देश के नागरिकों के आवागमन को लेकर भारतीय रेल ने बेहतर यातायात सुविधा मुहैया कराते हुए यात्री सुविधा के लिए अपने संकल्प को दोहराया है। यात्रियों की किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए मिशन मोड पर कार्य किया। भारतीय रेल यात्रियों को रेल परिवहन सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ कोरोना उन्हें व रेलकर्मियों को संक्रमण से बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। पूर्व मध्य रेल में कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के पहले 307 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस तथा 190 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन किया जाता था। कोविड के बाद यात्रियों के व्यापक स्वास्थ्य हित व कोरोना संक्रमण के अप्रसार को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों के लिए 279 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस तथा 35 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

शेष ट्रेनों के भी जल्द चलाए जाने की तैयारी

पूर्व मध्य रेल द्वारा दी गई अधिकृत जानकारी के अनुसार वर्तमान में चलाए जा रहे पैसेंजर ट्रेनों के अलावा विभिन्न रेलमार्गों पर शेष बचे पैसेंजर ट्रेनों को भी चलाने की योजना है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। रेलवे बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त होते ही पैसेंजर ट्रेनों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।

कोरोना अप्रसार हेतु आरक्षित श्रेणी में रखे गए हैं डिब्बे

सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए कोविड-19 के मद्देनजर यात्रियों के स्वास्थ्य हित में ट्रेनों में सभी डिब्बों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है, ताकि कोरोना संक्रमण से बचाव किया जा सके। परिस्थितियां जैसे-जैसे सामान्य हो रही हैं, यात्रियों की मांग एवं उनकी सुविधा हेतु अनारक्षित पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों का भी परिचालन शुरू किया गया है। किंतु यात्रियों का स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए पहले की तुलना में वर्तमान में पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन कम संख्या में किया जा रहा है। रेल प्रवक्ता का कहना है कि पूरे देश में कोविड टीकाकरण अभियान तेजी से जारी है और बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण की दर में काफी कमी आयी है। इसी के मद्देनजर मेल/एक्सप्रेस एवं पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों की संख्या में भी क्रमवार वृद्धि की जा रही है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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