नहीं मिली एम्बुलेंस, मृत नवजात के शव को बाइक की डिग्गी में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा उसका पिता

जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर सिंगरौली की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर कलेक्टर हुए संजीदा

singraulitimes.com

मध्य प्रदेश के एक्सचेकर को सर्वाधिक राजस्व प्रदान करने वाले जिलों में शुमार, प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कही जाने वाली सिंगरौली में बदहाल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था ने एक घोर निंदनीय एवं भद्दा चित्र उकेरने का काम किया है। जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद प्रसूता व उसके परिवार को एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिली, तब मृत नवजात के शव को मोटर साइकिल की डिग्गी में लेकर बेबस हताश पिता कलेक्ट्रेट पहुंचा। फिलहाल कलेक्टर मीणा ने एसडीएम को जांच के आदेश दे दिए हैं।

मध्य प्रदेश, सिंगरौली
सिंगरौली जिले के जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर में सिस्टम को लज्जित करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां मृतक नवजात के शव व प्रसूता को ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं हो सकी। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से हताश मृत नवजात का पिता मोटर साइकिल की डिग्गी में शव को लेकर मदद के लिए कलेक्टर के पास पहुंच गया। फिलहाल कलेक्टर ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है। सिंगरौली जिले के जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में किस तरह की बदहाल व्यवस्था है इसका एक निंदनीय प्रसंग यहां मंगलवार देखने को मिला है।

घटना क्रम पर दृष्टि

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 17 अक्टूबर को दिनेश भारती अपनी पत्नी मीना भारती को लेकर सिंगरौली के जिला अस्पताल पहुंचा था। पत्नी गर्भवती थी और डिलीवरी होनी थी। लेकिन पहले यहां पदस्थ स्टाफ ने अस्पताल की डाक्टर सरिता शाह से प्रसव कराने की इच्छा की वजह से महिला को शासकीय चिकित्सक के निजी क्लीनिक पर भेज दिया। बताया जाता है कि इस बाबत 5 हजार रुपए भी लिए गए। लेकिन जब उन्हें यह पता चला की बच्चे की कोख में ही मौत हो चुकी है, तब उसे वापस जिला अस्पताल भेज दिया और वहां उसकी डिलीवरी करवाई गई।

बच्चे के मृत अवस्था में जन्म लेने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की ताकि वे बच्चे को अपने गांव ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर सकें। उक्त परिवार का आरोप है कि बदहाल व बेपटरी सिस्टम के कारण उसे एंबुलेंस मुहैया नहीं करायी जा सकी। तब मृत नवजात के पिता दिनेश भारती ने बच्चे के शव को अपनी मोटर साइकिल की डिग्गी में रखा और कलेक्ट्रेट पहुंच कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को अपनी फरियाद सुनाई। जिसके बाद सिंगरौली कलेक्टर मीना ने पूरे मामले की जांच आदेश पारित कर एसडीएम को सौंप दी।

अब देखना यह होगा कि इस अत्यंत संवेदनशील मामले में क्या कुछ निकलकर सामने आता है और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर इस जांच की औपचारिकता का कोई प्रभाव पड़ता है अथवा नहीं।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button