सबसे सस्ती बिजली खरीदने वाले राज्य मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं को मिलती है सबसे महंगी बिजली

सोलर ऊर्जा का हब बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है मध्यप्रदेश

सिंगरौली/मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के प्रमुख स्त्रोत सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश के साथ ही एशिया व विश्व के विशालतम सौर ऊर्जा संयत्रों में शुमार रीवा के सोलर प्लांट के बाद अब प्रदेश में दो और ऐसे ही विशाल संयंत्रों की स्थापना के लिए सरकारी मंजूरी मिल गई है। ये आगर व मालवा क्षेत्र में स्थापित होंगे और इससे मध्यप्रदेश को सबसे सस्ते दरों पर बिजली उपलब्ध होगी।

लेकिन मध्यप्रदेश के आम उपभोक्ता फिलहाल देश के अन्य राज्यों में दी जा रही प्रति यूनिट बिजली दरों के औसत से लगभग चार गुनी कीमत अदा करने के लिए मजबूर हैं। कोविड-19 से संघर्ष कर रहे मध्य वर्ग की हालत मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा खराब है, ऐसा कहा जा सकता है।

तुलनात्मक आंकड़े

मध्यप्रदेश के सामान्य उपभोक्ता से रु. 16.13 प्रति यूनिट की दर से विद्युत शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में इसकी दर रु. 04.45 है। आंध्र प्रदेश में ₹ 04.71, असम में 5.14, दिल्ली में ₹4.11 एवं पंजाब व नागालैंड में तो महज ₹4.07 ही है।
वर्तमान में प्रदेश का सामान्य मध्य वर्ग वास्तव में आज अत्यंत पीड़ित है। लेकिन सरकार और जिलों की व्यवस्था कॉरपोरेट के सहूलियतों के लिए जनमानस के पसीने के साथ ही उनके खून को भी निचोड़ लेने पर आमादा दिखाई दे रही है।

सौर ऊर्जा के नये संयंत्र

बहरहाल बिजली के मामले में मध्यप्रदेश ने अनुकरणीय पहल की है। सौर ऊर्जा विभाग द्वारा सोमवार को आगर मालवा जिले के 550 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट की दो यूनिट के लिये रिवर्स बिड 2.73 रुपये प्रति यूनिट के बेस टैरिफ से प्रारंभ हुई। बिड ऑफर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की 12 कम्पनियों ने हिस्सा लिया। न्यूनतम ऑफर के आधार पर दोनों यूनिट के लिये बीमपाव एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड और अवाडा एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड विकासक का चयन किया गया। बीमपाव एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड से 2.444 रुपये प्रति यूनिट और अवाडा एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड की ओर से 2.459 प्रति रुपये यूनिट का न्यूनतम ऑफर प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के लिये अब तक की यह सबसे सस्ती सोलर बिजली की बोली है।

अब तक रीवा के प्रोजेक्ट का था न्यूनतम 2.97 रुपये का टैरिफ

उल्लेखनीय है कि विश्व की सबसे बड़ी सौर परियोजनाओं में से एक रीवा सौर परियोजना को उस समय न्यूनतम सोलर टैरिफ 2.97 रुपये प्राप्त हुआ था। यह परियोजना 3 जनवरी, 2020 से पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन कर रही है। इसे ठीक एक वर्ष पहले 10 जुलाई, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एस.पी.एस. परिहार, प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा संजय दुबे और प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम और सीईओ रम्स दीपक सक्सेना और आयोग के सचिव शैलेन्द्र सक्सेना, की उपस्थिति में इसे राष्ट्र को समर्पित किया था।

स्थापना में 5500 और संचालन के दौरान 500 व्यक्तियों को मिलेगा रोजगार

आगर में निजी निवेश द्वारा लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से एक हजार हेक्टेयर भूमि पर 550 मेगावॉट की 2 यूनिट स्थापित की जायेंगी। परियोजना से मार्च 2023 में विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना स्थापना के दौरान लगभग 5500 और पूर्णता के बाद संचालन में लगभग 500 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।

निविदा का निराकरण

विभाग ने सौर परियोजना विकासकों से 26 जनवरी, 2020 को निविदा आमंत्रित की थी। निर्धारित विभिन्न अनुमोदनों और अनुमतियों को प्राप्त करने के बाद आगर सौर पार्क के लिये निविदा की अंतिम तारीख 21 जून, 2021 तक 3 अंतरराष्ट्रीय, 9 राष्ट्रीय और 3 सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों ने भाग लिया। इनमें से न्यूनतम टैरिफ के आधार पर चुनी गई 12 कम्पनियों- टाटा पावर, रि-न्यू पावर, बीमपाव एनर्जी, एनटीपीसी, अयान, रिन्यूएबल पावर, टोरेंट पावर, एसजेवीएन लिमिटेड, अज्यूर पावर, अल्जोमेह एनर्जी, एक्मे सोलर, स्प्रिंग ग्रीन और अवाडा एनर्जी ने रिवर्स ऑक्शन में भाग लिया। शाजापुर पार्क के लिये रिवर्स बिडिंग 19 जुलाई को की गई।

सीईओ रम्स ने बताया

सीईओ रम्स दीपक सक्सेना के अनुसार “इस श्रंखला में शाजापुर सौर पार्क में भी 15 विकासकों (निवेशकों) द्वारा बिड प्रक्रिया में सहभागिता की गई है। इसका रिवर्स ऑक्शन 19 जुलाई को किया जाना है। इसके अलावा नीमच सौर पार्क के लिये 15 जुलाई तक प्रस्ताव प्राप्त किये जायेंगे।
रम्स (रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड) का गठन जुलाई-2015 में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इण्डिया की संयुक्त उपक्रम कम्पनी के रूप में किया गया। रम्स द्वारा स्थापित रीवा सौर परियोजना ने राष्ट्र स्तर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नये कीर्तिमान रचे हैं। रम्स द्वारा इसी कड़ी में प्रदेश में आगर 550 मेगावॉट, शाजापुर 450 मेगावाट और नीमच 500 मेगावॉट कुल 1500 मेगावाट की सौर परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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