🔴मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों में जारी हुआ ई-अटेंडेंस का फरमान

♦एम शिक्षा मित्र ऐप के जरिए अटेंडेंस के निर्देश, छात्र-छात्राओं के लिए भी ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता

singrauli times.com
आर.बी. सिंह, मध्यप्रदेश,सीधी।

सीधी जिले भर में सरकारी स्कूलों में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता का फरमान जारी होने के बाद भी इसको लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। स्थिति ये है कि फरमान का पालन करने को लेकर शिक्षक ही गंभीर नहीं हैं। ई-अटेंडेंस छात्र-छात्राओं के लिए भी अनिवार्य किया गया है। ये व्यवस्था 11 अक्टूबर से पूरे प्रदेश के साथ ही सीधी जिले में भी लागू करनी थी।
तत्संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं लेकिन शिक्षक इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। बताते चले कि 1 अक्टूबर से कॉलेजों में छात्र-छात्रों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई थी लेकिन यह व्यवस्था अभी तक जिले के कॉलेजों में लागू नहीं हो पाई है। कॉलेजों में तो छात्रों के लिए बायो मैट्रिक मशीन के माध्यम से अटेंडेंस ली जानी थी लेकिन अभी तक मशीन की व्यवस्था ही नहीं की जा सकी है। अब कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए बच्चों की उपस्थिति दर्ज करनी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने ई-अटेंडेंस की योजना आरंभ में प्रदेश के तीन जिलों में शुरू की गई थी। 29 अगस्त से 3 जिलों में लागू की गई योजना के सफल होने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में 11 अक्टूबर से लागू कर दी गई है।
उधर चर्चा के दौरान कुछ शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों व छात्रों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। विभाग से निर्देश प्राप्त हुए हैं। ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना काफी आसान भी है। आज 11 अक्टूबर से ऐप के जरिए छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया भी कई स्कूलों में शुरू हो चुकी है। कुछ विद्यालयों में यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। उसका कारण ऐप के जरिए शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने की जानकारी का न होना बताया जा रहा है। ई-अटेंडेंस संबंधी आदेश प्राप्त होने के बाद संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई समस्या होती है तो जन शिक्षक, बीएसी एवं बीआरसीसी से सहयोग लिया जाय। कुछ शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस की लागू नई व्यवस्था का स्वागत भी करते हुए कहा है कि इससे निश्चित ही विद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ेगी। अभी तक देखा जा रहा था कि सरकारी विद्यालयों में कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो कि समय पर स्कूल पहुंचने की जरूरत भी नहीं समझते। नई व्यवस्था के बाद निश्चित ही शिक्षकों में भी जिम्मेदारी आएगी और वह समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा भी बीते 11 अक्टूबर से लागू हुई ई-अटेंडेंस की व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। उनके द्वारा जिले भर से यह जानकारी जुटाने का कार्य किया जा रहा था कि किन विद्यालयों में जानकारी के अभाव में ई-अटेंडेंस की व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। ज्यादातर संस्था प्रमुखों द्वारा भी ई-अटेंडेंस की व्यवस्था लागू करने को लेकर अपनी तैयारियां पूरी की गई हैं। जिससे शिक्षकों के साथ ही पढऩे वाले छात्र-छात्राओं की ई-अटेंडेंस दर्ज करने में किसी तरह की दिक्कतें न आए। सरकारी स्कूलों में आज ई-अटेंडेस की व्यवस्था चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई थी।

शाम के बाद दर्ज नहीं होगी अटेंडेंस

एम शिक्षा मित्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक की मौजूदगी में ऐप के जरिए उपस्थिति होनी है। ऐप से शिक्षक व बच्चों की स्कूल में प्रतिदिन उपस्थिति का आंकलन हो सकेगा। शाम 5 बजे के बाद बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की जा सकेगी। ऐप पर कक्षावार शालाओं में दर्ज बच्चों की जानकारी समग्र शिक्षा पोर्टल पर दर्ज नामांकन के अनुसार होगी। अधिकारी बताते हैं कि सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने अपने आदेश में लिखा है कि विद्यार्थियों की प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज कराने का सिस्टम तैयार हुआ है। छात्र-छात्राओं की औसत उपस्थिति को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रभावी बनाया जाएगा। कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी एकत्रित कर स्कूल बुलाने को लेकर चर्चा की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या होने के कारण मोबाइल ऐप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इस ऐप को आफलाइन में भी उपयोग किया जा सके। यूजर के नेटवर्क एरिया में आने पर डाटा खुद व खुद अपलोड हो जाएगा।

बताते चलें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन स्टूडेंट पोर्टल सिस्टम माड्यूल को ऐप पर तैयार किया है। अभी पहली से आठवीं तक के कक्षा के बच्चों के लिए यह लागू किया गया है। साल 2020 में स्कूल शिक्षा विभाग ने एम शिक्षा मित्र ऐप के माध्यम से बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन कराना अनिवार्य किया था। शिक्षकों के विरोध और कोविड के चलते स्कूल शिक्षा ऐप से अटेंडेस लेने का आदेश स्थगित कर दिया गया था।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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