मीडिया में प्रचार पाने मन रहा है अन्न उत्सव- पूर्व मंत्री कमलेश्वर

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का पालन करना सरकार का कर्तव्य

सिंगरौली/सीधी। विधायक एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि शिवराज सिंह चौहान सरकार गरीबों की आर्थिक स्थिति पर प्रचार पाने का मौका बनाने से नहीं चूकी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मिलना गरीबों का कानूनी अधिकार है जो सामान्य व्यवस्था के अंतर्गत उन्हें मिलना ही चाहिए। पूरी सरकार गरीब हितग्राहियों को यह जताने पर तुली है कि हमारी दया से तुम्हें राशन मिल रहा है और इस पर जनता के पैसे प्रचार पर खर्च कर रही है।

जनता के कर के पैसे का हो रहा दुरुपयोग

श्री पटेल ने कहा कि गरीबों को अन्न प्राप्त करने का अधिकार नहीं मानकर अन्न उत्सव मनाने के कार्यक्रम से साफ जाहिर है कि सरकार गरीबों के हक का अन्न देने में भी प्रचार पाने के लिये यह कर रही है। मीडिया के लिये इवेंट बनाने में करदाताओं के पैसों का निर्दयता से दुरूपयोग कर रही है। आम नागरिकों को सरकार की इस प्रवृत्ति का हिसाब किताब देना होगा।

खाद्य सुरक्षा कानून का भाजपा ने किया था विरोध

पूर्व मंत्री ने कहा कि जब खाद्य सुरक्षा कानून का मसौदा तत्कालीन डॉ.मनमोहन सिंह सरकार ने संसद में पेश किया था तब भाजपा के दिग्गज नेताओं और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ही इसका सबसे ज्यादा विरोध किया था। इसी कानून से गरीबों को अन्न प्राप्त करने का अधिकार मिला। इसी कानून का पालन करने की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार सहित सभी राज्यों की है। गरीबों को उनके हक का अनाज देकर सरकार खुद अपनी तारीफ करके अन्न उत्सव मना रही है। यह न सिर्फ अशोभनीय बल्कि अस्वस्थ प्रवृत्ति है। प्रचार पाने की दूषित मानसिकता से शिवराज सिंह सरकार कब उबरेगी और कोई ठोस काम करेगी।

गरीबों की संख्या का बढ़ना, सरकार की अक्षमता

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना दरअसल राष्ट्रीय खादय सुरक्षा कानून के प्रावधानों का पालन करने के लिये बनाई गई है। यह राज्य सरकार का कर्तव्य है। यदि अपने प्रत्येक कर्तव्य का पालन करने में राज्य सरकार बडे बडे प्रचार होर्डिंग लगाये तो जनता के पैसों का दुरूपयोग ही है। श्री पटेल ने कहा कि ऐसी ही फिजूलखर्ची से योजना की लागत बढती जाती है। जबकि हितग्राहियों की संख्या इतनी तेजी से नहीं बढती। उन्होंने कहा कि आदर्श स्थिति में हितग्राहियों की संख्या घटनी चाहिए। तभी माना जा सकता है कि सरकार ने गरीबों को संकटग्रस्त स्थिति से निकालकर आर्थिक रूप से सक्षम बना दिया। गरीबों की संख्या में बढोतरी सरकार की अक्षमता है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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