डबल मर्डर केस के आरोपी को आजीवन कारावास

पिता के तानों से तंग आकर की थी हत्या, साक्ष्य मिटाने के लिए अपनी बेटी को भी मार डाला था

सिंगरौली/सीधी।
विगत 13 अक्टूवर 2017 को हुई एक लोमहर्षक डबल मर्डर की एक घटना में माननीय न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपने जन्मदाता और अपनी औलाद को धारदार औजार से हत्याकर मौंत की नीद सुलाने वाले आरोपी को तीन साल की सुनवाई के बाद सीधी जिला न्यायालय की एक अदालत में आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है साथ ही एक हजार रूपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है।

क्या थी घटना

पिता पुत्री के हत्या की वीभत्स्य घटना चुरहट थाना के सेमरिया चौकी के मनकीसर गांव में 13 अक्टूवर 2017 के शाम घटित हुई थी। जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 भादंसं के तहत अपराध दर्ज कर सुनवाई के लिये न्यायालय में पेष किया था। मामले की सुनवाई के पश्चात सीधी न्यायालय के चतुर्थ सत्र न्यायाधीश श्री राजेश सिंह ने ये फैसला सुनाया है।

फैसले की विस्तृत जानकारी देते हुए अपरलोक अभियोजक एडवोकेट आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि मनकीसर निवासी दुलारे साहू पिता जागेश्वर साहू उम्र 75 वर्ष अपने पुत्र व आरोपी संतोष साहू उम्र 43 साल को बात बात पर ताने मारने के साथ गाली गलौच करता रहता था। जिससे संतोष साहू तंग आकर उसकी हत्या करने की योजना बनाने लगा था लेकिन उसे मौका हाथ नहीं लग रहा था।

घटना दिनांक 13 अक्टूवर 2017 की सायं को आरोपी की पत्नी सुशीला साहू अपने चार साल की पुत्री राजकुमार साहू को अपने दादा दुलारे साहू के पास छोंड़कर खेत से पशुओं का भोजन चारा लेने चली गई उसी दौरान आरोपी संतोष साहू ने अपने पिता की घर में रखे वसुला औजार से हमला कर हत्या कर दिया। आरोपी जब घटना को अंजाम दे रहा था उस समय उसकी बेटी राजकुमारी साहू उम्र 4 वर्ष जो इस पूरे घटना को देख रही थी उसकी भी हत्या साक्ष्य मिटाने के नियत से आरोपी ने कर दी।

ताज्जुब की बात यह रही कि इस घटना का आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद घर में ही दोनो शवों के पास बैठकर खुशियां मना रहा था। उधर घटना की जानकारी आरोपी संतोष की पत्नी सुशीला को तब हो सकी जब वो सायं 6 बजे चारा लेकर घर लौटी थी।
पुलिस डायरी के अनुसार अपरलोक अभियोजक ने बताया कि सुशीला के घर आने के बाद जब आरोपी ने ही घर का दरवाजा खोला और उसे वहां लेकर गया जहां दोनो के शव पड़े हुए थे। आरोपी अपने पिता के शव के पास ही घूमघूम कर बोल रहा था कि अब वो कभी गाली नहीं देगा।

इतना सबकुछ सुनने के बाद सुशीला ने गुहार लगाते हुए घर से बाहर निकल कर गांव के लोगों को बताया। साथ ही पुलिस को सुचित किया तो तत्कालीन सेमरिया चौकी प्रभारी नागेन्द्र यादव ने आरोपी को गिरफ्तार कर तमाम औपचारिकताओं की पूर्ती के बाद प्रकरण की सुनवाई के लिये न्यायालय में पेश किया। जहां सुनवाई के बाद विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी को अपने पिता व पुत्री के हत्या का दोषी माना है।

न्यायालय ने आरोपी को दोनो हत्याओं के लिये दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा व एक हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।दोनो हत्याओं में सुनाये गये फैसले की सजा साथ साथ भुग्ताने का निर्णय दिया गया है।

मृतकों के आश्रितों को प्रतिकर देने का आदेश

दोहरे हत्याकांण्ड का निर्णय सुनाते हुए विद्वान न्यायाधीश राजेश सिंह ने दोनो मृतकों दुलारे साहू की पत्नी वेवा मनुआ साहू व राजकुमारी साहू की माता सुशीला साहू को दंप्रसं की धारा में परिभाषित नियमों के तहत प्रतिकर दिलाने के साथ साथ समुचित पुनर्वास की व्यवस्था बनाने का निर्णय देते हुए विधिक सेवा प्राधिकारी सीधी से सिफारिस करने का फैसला सुनाया है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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