सांसद ने सिंगरौली जिले के साथ किया भेदभाव

केंद्रीय विद्यालय में सांसद कोटे से सीधी के 9 व सिंगरौली जिले के एकमात्र छात्र को दिलाया प्रवेश

सिंगरौली, मध्यप्रदेश। सिंगरौली जिले की बहन बेटी व सीधी की बहु बनकर लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी जी के आशीर्वाद से सांसद बनीं श्रीमती रीती पाठक की कार्य प्रणाली से सिंगरौली जिले के नागरिक स्वयं को ठगा सा अनुभव करने लगे हैं। सांसद श्रीमती पाठक ने केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश हेतु कुल 10 में से 9 सीधी एवं एकमात्र सिंगरौली के बच्चे के लिए अनुसंशा की है। इस सूची के वायरल होने के बाद लोग ट्रोल कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही सूची

हम बात कर रहे हैं सिंगरौली-सीधी की दूसरी बार सांसद बनीं श्रीमती रीती पाठक का जिन्होंने केंद्रीय विद्यालय में अपने कोटे में आरक्षित 10 सीट में से 9 सीट सीधी जिले को दे दिया और सिंगरौली को कोरम पूरा करने के लिए महज 1 सीट देकर उपकार करने का काम किया है। सांसद महोदया के द्वारा चयनित छात्रों की सूची वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी संख्या में आम लोग व दूसरे दलों के जन प्रतिनिधि जहां उन्हें ट्रोल कर रहे हैं वहीं अधिकांश लोग सिंगरौली जिले के साथ भेदभाव एवं जान बूझकर इसे दुर्व्यवस्था के दलदल में ढकेलने का खुलेआम आरोप लगाने लगे हैं।

सांसद की संस्तुति पर सीधी के 9 व सिंगरौली के मात्र 1 छात्र को दिलाया गया प्रवेश

केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश हेतु सांसद श्रीमती पाठक की संस्तुति पर 2021-22 में जिन छात्रों का नाम विशेष छूट में दिया गया है उनमें सूर्य विक्रम सिंह पुत्र जिवेंद्र सिंह कक्षा 9 वीं निवासी सीधी, समर तिवारी पुत्र नागेंद्र तिवारी कक्षा 5 पता सीधी, आध्या पांडेय पुत्र पवन पांडेय कक्षा 4 पता सीधी, रुद्राक्ष पुत्र आशीष मिश्रा कक्षा 9 वीं पता सीधी, वैभवमणि पुत्र गणेश प्रसाद द्विवेदी कक्षा 8 वीं सीधी, अदिति सिंह पुत्र सुख निधान सिंह कक्षा 8 वीं सीधी पूजा पुत्री प्रेम सागर शुक्ला कक्षा 4 सीधी, परिधि पुत्री विकास पांडेय कक्षा 3 सीधी व हेमंत आशुतोष चतुर्वेदी कक्षा 1 पता सीधी का नाम शामिल है। जबकि सिंगरौली जिले से एकमात्र छात्र अर्पण तिवारी पुत्र प्रवीण तिवारी का कक्षा 7 को केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया है।

ओबीसी, एससी व एसटी के बच्चे केन्द्रीय विद्यालय के योग्य नहीं ?

सिंगरौली व सीधी जिले के ओबीसी, एस सी व एसटी समाज के लोग बिल्कुल मायूस न हो कि केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश हेतु उनके समाज के एक भी बच्चे का नाम क्यों नही दिया गया, क्योंकि सांसद महोदया ने जब सिंगरौली जिले अपर समाज के साथ ही भेदभाव कर उन्हें भौंचक कर दिया तो आपकी क्या हैसियत है बताने की जरूरत नही है। नाम ना छापने की शर्त पर पार्टी से जुड़े लोग भी चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि सांसद महोदया से यह उम्मीद नहीं थी। उन्हें दोनों जिलों को बैलेंस करना चाहिए, और 5-5 छात्रों का प्रवेश के लिए नाम देना चाहिए।

विधायकों को भी जन समस्याओं के निराकरण में कोई रुचि नहीं

सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र सहित देवसर व चितरंगी की जनता अपने क्षेत्रीय विधायकों की सुस्ती पर चुटकी लेने लगी है। चर्चा की जा रही है कि हमारे जन प्रतिनिधि जिले के साथ होने वाले भेदभाव पर कुछ बोलने के बजाय मौन धारण किये रहते हैं। सड़क बिजली पानी और भ्रष्टाचार के विरोध में वर्ष 2003 से सत्ता में आई पार्टी ने नेता अब जनमानस से कटने लगे हैं। प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व और भाजपा को वोट देने वाले जिले की जनता को इसके बदले में अव्यवस्था के सिवा कुछ नहीं मिला एवं उनके बच्चों को भी अच्छी शिक्षा के लाभ से वंचित रखा गया। सिंगरौली जिले से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग हो अथवा उप खण्डों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें, नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों का आवागमन, विद्युत व्यवस्था, शासकीय कार्यालयों में आम जनता के कार्य, सभी जगह विसंगतियां और अव्यवस्था जन मानस को उद्वेलित करने लगी है।

विपक्षी दलों का आरोप

विपक्षी पार्टी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि सांसद महोदया ने सिंगरौली जिले के साथ भेदभाव किया जो समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें सर्वाधिक वोट देने वाली सिंगरौली के साथ उन्होंने छल किया है। आरोप लगाया है कि बतौर सांसद गोद लिए हुए गांव नौगई के ही किसी गरीब परिवार के बच्चे का नाम दे देतीं तब भी उनकी संवेदना दिखाई देती। लेकिन सांसद श्रीमती पाठक ने गोद लिए गांव का विकास तो किया नहीं, अब वहां के बच्चों को भी केंद्रीय विद्यालय जैसे शैक्षिणक संस्थान में शिक्षा लेने से वंचित कर दिया। सांसद महोदया ने प्रवेश वाली लिस्ट को वायरल करने के दौरान भले ही सोचा हो कि उनकी इस उपलब्धि पर वाहवाही मिलेगी, लेकिन लिस्ट में सिंगरौली के साथ हुए भेदभाव से सिंगरौली के नागरिक स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं तथा तरह तरह की चर्चाएं करने लगे हैं।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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