मुस्लिम युवती ने मांग में भरा हिंदू युवक के नाम का सिंदूर

गंगा जमुनी तहजीब की पेश की शानदार मिसाल

सिंगरौली। रफी साहब की आवाज में एक फिल्मी तराना आज भी यदा कदा सुनाई पड़ता है। इसके बोल “जिंदाबाद जिंदाबाद ऐ मोहब्बत जिंदाबाद, नफरत की दीवारों से तू रहती है आजाद” को मुकम्मल और सही ठहराते हुए दो दीवानों ने मजहबी दीवारों को तोड़ दिया। एक हिंदू लड़के के प्रेम में दीवानी हुई मुस्लिम संप्रदाय को मानने वाले परिवार की लड़की ने रीवा से भागकर सिंगरौली के अपने प्रेमी से शादी रचा ली।

मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने वाली युवती परवनी रीवा के एक गांव की रहने वाली है। जबकि उसका पति आकाश सिंगरौली जिले के डगा बरगवां का निवासी है। माँ दुर्घटा मंदिर में हुई इस शादी की पूरे इलाके में चर्चा है। लेकिन इन दोनों के घर वाले इस रिश्ते के खिलाफ हैं।

दो साल से थे एक दूसरे के करीब

सूत्रों ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों एक-दूसरे को करीब दो साल से जानते थे। इसी दौरान उनके बीच पहले दोस्‍ती हुई और फिर प्‍यार हो गया। बीते दिन रीवा की रहने वाली परवीन अपने घर से भागकर सिंगरौली के डगा निवासी आकाश के घर पहुंच गई। इसके बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से माँ दुर्घटा मंदिर में शादी कर ली। दोनों बालिग बताए गए हैं।

परवीन बनी शालिनी

जानकारी के मुताबिक आकाश से शादी रचाने के बाद परवीन अब शालिनी कुमारी बन गई है। मजहबी दीवार तोड़कर सात फेरे लेने के बाद यह प्रेमी जोड़ा काफी खुश है और सुकून महसूस कर रहा है। इन दोनों ने धर्म-संप्रदाय के बंधन को तोड़कर भारत के सेकुलर व्यवस्था और गंगा जमुनी तहजीब की बेहतरीन मिसाल पेश की है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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