एनजीटी टीम ने वायु, खेत, जल सहित बीमार व्यक्तियों के लिये कई सैम्पल

मामला सासन पावर के प्रदूषण और उसके दुष्प्रभाव का

singraulitimes.com

मध्य प्रदेश, सिंगरौली
जिला मुख्यालय बैढ़न के निकट हर्रहवा में स्थित ऐशडाइक एवं सासन पावर रिलांयस विद्युत संयंत्र से फैल रहे प्रदूषण के मामले में शिकायतकर्ता के आरोप की पुष्टि करने पहुँची एनजीटी की तीन सदस्यीय टीम ने जांच-पड़ताल करने के साथ ही क‌ई सैम्पलों को एकत्र कर यहाँ से रवाना हो गई। इस दौरान 4 बीमार लोगों का बड़े दबाव में सैम्पल लिया गया। वहाँ मौजूद लोगों की मानें तो क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी पूरी तरह से सासन पावर प्रबंधन का पुरजोर बचाव करते रहे।

पूर्व शिकायत की सत्यता जांचने आई थी टीम

एनजीटी की टीम सासन निवासी लालमन शाह द्वारा बीते अप्रैल महीने में की गई लिखित शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने आरोपित किया है कि रिलायंस सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट से घातक प्रदूषण फैल रहा है। शिकायतकर्ता की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुरू हुई। सितम्बर महीने में एनजीटी की प्रधान पीठ में शामिल जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ.अफरोज अहमद ने आदेश पारित किया कि इस प्रकरण में कार्रवाई के लिए पहले राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिला मजिस्ट्रेट संयुक्त जांच दल गठित कर मौके की पड़ताल करायें।

पीसीबी के समन्वयक एवं आदेश के अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी बनाते हुए 4 सप्ताह के भीतर संयुक्त जांच दल को साइट विजिट कर आवेदक द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायतों व आपत्तियों का सत्यापन करने के साथ ही उसमें कानून सम्मत राहत आदि कार्रवाई के संबंध में ई मेल के द्वारा एनजीटी को दो महीने के अंदर भेजने हेतु निर्देशित किया गया। इसी तारतम्य में एनजीटी की तीन सदस्यीय टीम गत दिवस हर्रहवा पहुंची। दो दिनों तक शिकायतकर्ता के साथ एनजीटी की टीम ने खेतों के मिट्टी का सेम्पल लिया। साथ ही शिकायतकर्ता के घर पर एंबिएंट एयर क्वालिटी मशीन लगाकर हवा में पर्टिकुलेट मैटर से जुड़े आंकड़े एकत्र करने का काम किया।

गत शनिवार को एनजीटी टीम के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय स्तर के अधिकारी व सासन पावर प्रबंधन की उपस्थिति में वहां एकत्र लोगों के सेम्पल लिये जा रहे थे। इसी दौरान जनप्रतिनिधि व अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि जो लोग स्वस्थ्य हैं उन्हीं लोगों का सेम्पल लिया जा रहा है। इस बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि, अंत में स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के दबाव के बाद एक सैकड़ा में से केवल 4 बीमार लोगों के ही सेम्पल लिये गये। मौके से मौजूद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी खुलकर कंपनी के बचाव में सामने आ गये। जबकि यहां सांस, दमा, आंख, हार्ट सहित कई बीमारियों से लोग ग्रसित हैं। हालांकि प्रदूषण की मार से सासन पावर क्षेत्र में ही नहीं बल्कि समूचा सिंगरौली इलाका जूझ रहा है।

वीडियो बनाने पर तमतमाए

हर्रहवा गांव में शनिवार को एनजीटी की टीम- स्थानीय, जिला एवं खण्ड स्तर के अधिकारी व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अमला की मौजूदगी में पहुंची थी। इसी दौरान खेतों के सेम्पल के अलावा स्थानीय हृष्ट, पुष्ट ग्रामीणों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा था। तभी मीडिया कर्मी फुटेज लेने लगे। इस बात को लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी तमतमाते हुए तरह-तरह के सवाल करने लगे। उनका कहना था कि वीडियो बनाने के लिए परमिशन कहां है। इसी बात को लेकर मीडिया कर्मियों के बीच जमकर तू तू-मैं मैं होने लगा। ग्रामीण भी मीडिया कर्मियों के साथ खड़े हो गये तब जाकर साहब बैकफुट पर आ गये और चुप्पी साध लिया।

कंपनियों पर मेहरबानी से फैल रहा प्रदूषण

सिंगरौली में एयर क्वालिटी इंडैक्स वैल्यू की हालत बेहद खराब स्थिति में है। लगातार एक महीने से एक्यूआई वैल्यू 300 के पार पहुंच रहा है। जिसके कारण लोगों की आँखों में जलन, स्वांस संबंधित व चर्म रोग जैसी अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इसके बावजूद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण के लोगों द्वारा बढ़ते प्रदूषण को लेकर संबंधित कंपनियों के विरुद्ध कोई कारगर कदम नहीं उठाया जाना चिंताजनक है। अलबत्ता शिकायतकर्ता लालमन शाह को धमकी देकर सीएम हेल्पलाईन के शिकायत को बंद कराने का हर संभव प्रयास भी किये जाने की बात कही जा रही है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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