अब तेजस रेक से चलेगी राजेंद्रनगर टर्मिनल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस स्पेशल

सिंगरौली/हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल की सबसे प्रतिष्ठित और प्रीमियम ट्रेनों में से एक 02309/02310 राजेंद्रनगर टर्मिनल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस स्पेेशल ट्रेन के मौजूदा एलएचबी रेक को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तेजस रेक में बदलने का निर्णय लिया गया है। इस बदलाव से राज्य की राजधानी पटना की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित हो पाएगी। अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ, राजधानी स्पेशल के नए तेजस रेक के साथ परिचालन प्रारंभ होने से यात्रियों को सुखद यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा। तेजस रेक युक्त 02309/02310 राजेंद्रनगर टर्मिनल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस स्पेेशल का परिचालन 01.09.2021 से शुरू किए जाने की संभावना है।

ये हैं सुविधाएं

यह तेजस रेक ऑटोमेटिक प्लग इनडोर प्रणाली के तहत् सभी प्रवेश द्वार केंद्रीकृत रूप से नियंत्रित होगा तथा सभी प्रवेश द्वार के बंद होने तक ट्रेन नहीं चलेगी। यात्री सुरक्षा एवं संरक्षा के दृष्टिकोण से यह काफी महत्वपूर्ण है। सीसीटीवी कैमरायुक्त इस तेजस रेक के प्रत्येक कोच में यात्रियों को यात्रा संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं जैसे अगला स्टेशन, शेष दूरी, आगमन/प्रस्थान का अपेक्षित समय, विलंब और सुरक्षा संबंधी संदेश के प्रदर्शन के लिए प्रत्येक कोच के अंदर 02 एलसीडी डिस्प्ले लगाए गए हैं। आकर्षक आंतरिक बनावट करते हुए ऐसा बर्थ का प्रावधान किया गया है जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो। सभी कोचों में पर्दे की जगह रोलर ब्लाइंड लगाए गए हैं जो साफ-सफाई को आसान बनाते हैं। प्रत्येक कंपार्टमेंट में डस्टबिन उपलब्ध रहेंगे जिससे कोचों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

वातानुकूलित द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के कोचों में साईड लोअर बर्थ की बनावट में बदलाव लाते हुए उसे सिंगल पीस बेड का रूप दिया गया है साथ ही ऊपर की बर्थ पर जाने के लिए सुविधाजनक व्यवस्था की गई है। सभी यात्री के लिए मोबाइल चार्जिंग पॉइंट दिया गया है। इन कोचों को आरामदायक बनाने और बेहतर यात्रा अनुभव के लिए बोगियों में एयर स्प्रिंग सस्पेंशन दिया गया है। सभी कोचों में ऑटोमेटिक फायर अलार्म और डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं तथा ऐसी व्यवस्था की गई है कि आग लगने की स्थिति में ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाए। इसी तरह संरक्षा में और सुधार के लिए नए वायरिंग के साथ व्हील स्लाईड प्रोटेक्शन डिवाईस लगाए गए हैं।

सभी कोचों में बायो-वैक्यूम टयलेट लगाए गए हैं जो अच्छी फ्लशिंग के कारण शौचालय में बेहतर साफ-सफाई बनाए रखने में मदद पहुंचाता है। साथ ही इससे पानी की भी बचत होती है। शौचालय दुर्गंध नियंत्रण प्रणाली से युक्त है। छोटे बच्चे के साथ सफर कर रही महिला यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय में शिशु देखभाल हेतु विशेष प्रावधान किया गया है।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस आधुनिक तेजस ट्रेन की शुरुआत के साथ यात्रा अनुभव में एक व्यापक बदलाव आएगा।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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