नर्स भर्ती घोटाले की खुली फाइल

कलेक्टर ने दो बाबुओं को किया सस्पेंड

सिंगरौली/सीधी। नर्स भर्ती घोटाले में कलेक्टर रवींद्र चौधरी ने खबर पर संज्ञान लेते हुए दो बाबुओं को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। कोविड-19 स्टाफ नर्स भर्ती घोटाला परत दर परत उभर रहा है। इस मामले में नित नए मामले सामने आ रहे हैं।

पीड़ित नर्सों ने की थी कलेक्टर से शिकायत

बीते 12 अगस्त को पीड़ित कोविड-19 स्टाफ नर्सों ने कलेक्टर को शिकायत पत्र देते हुए बताया कि मेरिट लिस्ट में हमारा नाम ऊपर है लेकिन सीएमएचओ ऑफिस में पदस्थ बाबू विष्णु प्रताप सिंह तथा सुनील गहरवार ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कलेक्टर के द्वारा जारी किए गए कोविड-19 स्टाफ नर्स की लिस्ट के अनुसार भर्ती प्रक्रिया नहीं की। उक्त दोनों बाबू ने लंबा गोलमाल किया है। आरोप है कि मेरिट लिस्ट में जिनका नाम सबसे ऊपर है उन्हें नजरअंदाज कर निचले क्रम वाली स्टाफ नर्सों को लिया गया है। पूरे मामले को लेकर कलेक्टर एक्शन मोड में दिख रहे हैं। उन्होंने दोनों बाबुओं को सस्पेंड करने की बात कही है।

ये है पूरा मामला

कोरोना की दूसरी लहर काफी भयानक थी। पीड़ित तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया करते थे। उन परिस्थितियों में भी स्टाफ नर्स तथा सपोर्ट स्टाफ द्वारा मरीजों की भरपूर सेवा की गई। मृत लोगों के शवों की पैकिंग सैनिटाइजिंग तक अपनी जान जोखिम में डालकर उक्त नर्सों ने की।

हैरानी और शर्मनाक बात यह है कि जब जुलाई महीने से आगे 21 स्टाफ नर्सों तथा 8 सपोर्ट स्टाफ का रिनुअल करना था तब वो बाबू गिरी के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। तब न्याय पाने के लिए पीड़ित स्टाफ नर्सों को कलेक्टर के चौखट पर दस्तक देनी पड़ी।

आरोप है कि सीरियल नंबर 10 पर रही मनीषा पटेल जिसे 45 मार्क्स मिले हैं तथा पीड़ित स्टाफ नर्स का रजिस्ट्रेशन सहित संपूर्ण डाक्यूमेंट्स कंप्लीट है, लेकिन सीएमएचओ ऑफिस में चल रहे बाबू राज ने इनको हटाकर सीरियल नंबर 11 एवं 12 वंदना कुशवाहा तथा प्रज्ञा सिंह को ले लिया। दूसरा मामला सीरियल नंबर 28 प्रियंका यादव का है जिसके 37.5% प्राप्तांक हैं लेकिन आरोपी कर्मचारियों के द्वारा प्रियंका यादव को हटाते हुए पूजा सिंह पटेल को लिया गया है।

कलेक्टर के नियमों पर बाबुओं ने फेरा पानी

कलेक्टर सीधी ने बकायदा परीक्षा लेकर मेरिट लिस्ट से स्टाफ नर्सों का चयन करने का आदेश जारी किया था। परीक्षा तो हो गई लेकिन मेरिट लिस्ट से नियुक्ति नहीं मिल पाई और एक बार फिर से स्टाफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया विवादों में आ गई है। परीक्षा लेकर भर्ती प्रक्रिया में नर्सों ने भी अपनी सहमति जताई थी कि जो काबिल होगी उसी की नियुक्ति की जाएगी। लेकिन इन बाबुओं ने प्रक्रिया पर ही पानी फेर दिया।

बाबूओं ने सीएमएचओ को बताया जवाबदेह

इस मामले में बाबूओं का कहना है कि हमारा किसी प्रकार का हाथ इस मामले में नहीं है, यह सब सीएमएचओ साहब ही जानें।
दूसरी ओर पीड़ित स्टाफ नर्सों की मांग है कि भ्रष्टाचार और करप्शन में लिप्त बाबू संविदा भर्ती से हैं। इसलिए सस्पेंशन की जगह इनकी सेवा समाप्त करनी चाहिए ताकि आगे की व्यवस्था कलेक्टर के निर्देशानुसार सुचारू रूप से जारी रहे।

इनका कहना है

स्टाफ नर्स भर्ती में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा इनको मैं सीधे सस्पेंड करूंगा और सेवा समाप्त करूंगा।
रवींद्र चौधरी
कलेक्टर, सीधी

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button