आक्रोश: कोरोना योद्धाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस

आंदोलन करने की दी चेतावनी

सिंगरौली/सीधी।
कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में सीधी में रखे गए कोविड-19 के लगभग 2 सैकड़ा कर्मचारी जो महामारी के संक्रमण से जुझते हुए मरीजों की सेवा में जी-जान से जुटे रहे। उन्हें नियोजित किये हुए अभी महज 2 महीना ही हुआ है, कोरोना अभी भी समाप्त नहीं हुआ है, बावजूद इसके उनकी सेवा समाप्ति का फरमान जारी कर दिया गया है। इस आदेश को लेकर कोविड-19 के कर्मचारियों में काफी आक्रोश है और वे लामबंद होकर विरोध की तैयारी कर रहे हैं।

जब सीधी जिला संकट से जूझ रहा था और मरीजों की सेवा करने के लिए कर्मचारी ढूंढने से भी नहीं मिल रहे थे, तब जिले में दो सैकड़ा के लगभग कोविड-19 के कर्मचारी रखे गए थे। इन लोगों ने पूरे मन से अपने जीवन को संकट में डालकर मरीजों की सेवा की। जबकि अब संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा बीते 28 जून को आदेश क्रमांक एनएचएम एचआर सेल-1/2021/10097 जारी कर उन्हें सेवा से पृथक करने का फरमान सुना दिया है।

जारी आदेश के अनुसार

आदेश पत्र के अनुसार चिकित्सा अधिकारी 32, आयुष चिकित्सा अधिकारी/दंत चिकित्सक 5, लैब टेक्नीशियन 25, स्टाफ नर्स 21, डाटा एंट्री ऑपरेटर 4, सपोर्ट स्टाफ 8, ओटी टेक्निशियन एनेस्थीसिया 1, ऑक्सीजन टेक्नीशियन 1 सभी मिलाकर 98 कर्मचारी ही रखे जाएंगे। शेष की छुट्टी होगी। यह आदेश निकलते ही कोविड-19 पीड़ितों की सेवा में रहे अन्य कर्मचारियों में काफी आक्रोश है।

इन कर्मचारियों का कहना

छांटे जा रहे कोविड-19 के कर्मचारियों का कहना है कि मरीजों की सेवा करने में उन लोगों ने अपनी जिंदगी खतरे में डालकर पूरे मन से सेवा की। सरकार तथा प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किए जाने के बजाय उन्हें नौकरी से ही निकाला जा रहा है। यह हम लोगों के साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को एक बार फिर से सोचकर फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह आदेश वापस नहीं हुआ तो सीधी समेत प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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