अदाणी फाउंडेशन द्वारा कराया गया 626 बहुपयोगी पौधों का रोपण

पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया गया वृक्षारोपण अभियान

singraulitimes.com
मध्य प्रदेश, सिंगरौली
अदाणी फाउंडेशन द्वारा 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2022 तक सिंगरौली जिले की सरई तहसील के सुदूर गांवों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान संस्थान द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अलग-अलग शासकीय विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों और पांच गांवों के विभिन्न घरों में किया गया और कुल 626 पेड़ लगाए गए।

स्थानीय ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल के शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपस्थिति में आयोजित इन कार्यक्रमों में समाज के विभिन्न समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फलदार पेड़ों में आम और नींबू के अलावा औषधीय गुणों से भरपूर नीम, सीसम और अमलतास के पेड़ प्रमुखता से बांटे और लगाए गए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, खनुआ खास, शासकीय मध्य विद्यालय, धिरौली, शासकीय मध्य विद्यालय, फाटपानी, आंगनवाड़ी केंद्र, खनुआ नवा टोला, शासकीय मध्य विद्यालय, डोंगरी, शासकीय मध्य विद्यालय, बासी बेरदहा और शासकीय मध्य विद्यालय, बजौड़ी जैसे सामुदायिक स्थलों पर 264 वृक्षारोपण कार्यक्रम के अलावा निजी घरों में फलदार पौधारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासी बेरदहा, धिरौली, फाटपानी, झलरी और मझौली पाठ गांवों में 362 आम और नींबू के पेड़ लगाए गए। वृक्षारोपण के दौरान डॉ विनीत साह, जगदीश कुशवाहा, धिरौली पंचायत के सरपंच ठाकुर दयाल कुशवाहा, मझौली पाठ पंचायत के सरपंच देवीलाल सिंह, बजौड़ी पंचायत के सरपंच भगवान सिंह, वार्ड सदस्य श्यामलाल जायसवाल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ममता वर्मा, प्रधानाध्यापक रामलाल प्रजापति, प्रधानाध्यापक बृजेन्द्र सिंह और शिक्षक मोहन सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

औद्योगिक प्रदूषण से बचाव के लिए वृक्षारोपण जरूरी

तेजी से फैल रहे उद्योगों और बढ़ती आबादी के कारण प्रदूषण का स्तर इन दिनों बहुत अधिक बढ़ रहा है। इससे लड़ने का एकमात्र तरीका अधिक से अधिक पेड़ लगाना है। अगर हम सचमुच स्वस्थ रहना चाहते हैं और अच्छे जीवनयापन करना चाहते हैं तो ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाने चाहिए। ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ने के साथ वृक्ष पर्यावरण से अन्य हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण में वायु शुद्ध बनी रहती है। अदाणी फाउंडेशन द्वारा सामुदायिक स्थलों पर वृक्षारोपण पर जोर देने का मकसद जहां समाज के विभिन्न समुदायों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाना है वहीं विभिन्न विद्यालयों में पौधरोपण का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पर्यावरण और विकास से सम्बन्धित क्षेत्रों में निर्णय लेने में भागीदार बनाना है। स्थानीय ग्रामीणों ने अदाणी फाउंडेशन के वृक्षारोपण कार्यक्रम में अपना योगदान देते हुए इसका जोरदार स्वागत किया है।

अदाणी फाउंडेशन- एक परिचय

1996 में स्थापित, अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में 18 राज्यों में सक्रिय है, जिसमें देश भर के 2250 गाँव और कस्बे शामिल हैं। फाउंडेशन के पास प्रोफेशनल लोगों की टीम है, जो नवाचार, जन भागीदारी और सहयोग की भावना के साथ काम करती है। वार्षिक रूप से 3.2 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करते हुए अदाणी फाउंडेशन चार प्रमुख क्षेत्रों- शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, सतत आजीविका विकास और बुनियादी ढांचे के विकास, पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सामाजिक पूंजी बनाने की दिशा में काम करता है। अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण और शहरी समुदायों के समावेशी विकास और टिकाऊ प्रगति के लिए कार्य करता है, और इस तरह, राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान देता है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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