पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका का रीति रिवाज से कराया विवाह

बने घराती, कराया भोजन, उपहार भी दिया

सिंगरौली/कटनी। मध्यप्रदेश के बड़वारा थाने की पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका को न केवल विवाह बंधन में बंधवाया, अपितु घराती की भूमिका का निर्वाह करते हुए दोनों पक्षों से आए लोगों को भोजन कराया और उपहार देकर उनकी विदाई की। थाने के बाहर बने मंदिर में प्रेमी-प्रेमिका का वैदिक रीति से विवाह संपन्न करवाया, पुलिस ने शादी के बाद उपहार दिए और भोजन भी कराया। दोनों पक्षों को उनके घर तक जाने के लिए वाहन का भी प्रबंध किया।

अपने माता पिता की शिकायत करने थाने पहुंची थी युवती

युवती अपने माता-पिता की शिकायत करने बड़वारा थाने पहुंची थी। युवती का कहना था कि वह बालिग और एक लड़के से प्रेम करती है और उसी से शादी करना चाहती है। जबकि उसके माता पिता किसी और से जबरन उसका विवाह कराना चाहते हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के परिवार जनों को थाने बुलवाया। पुलिस के समझाने बुझाने के बाद प्रेमिका व प्रेमी के परिजन राजी हो गए। बस फिर थाने के बाहर बने मंदिर में मंडप सजाया गया और रीति रिवाज के साथ उनका विवाह करा दिया गया।

कुछ विस्तार से

21 अगस्त को सिजहनी गांव निवासी रेणु चौधरी बड़वारा थाने पहुंची थी। उसने पुलिस को बताया कि वह पन्ना जिले के शाहनगर निवासी विनोद चौधरी से प्यार करती है, लेकिन मेरे-माता पिता मेरी शादी विनोद चौधरी से नहीं करवा रहे हैं। रेणु चौधरी ने बताया कि वह विनोद चौधरी के बिना नहीं जी सकती, उसके बिना जीवन जीने की कल्पना भी नहीं कर सकती है। बड़वारा थाना प्रभारी अंकित मिश्रा ने शिकायत की जानकारी पुलिस अधीक्षक कटनी मयंक अवस्थी दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बड़वारा पुलिस ने लड़के और लड़की पक्ष के लोगों को थाने बुलाया। दोनों पक्षों को समझाइस दी गई। जिसके बाद दोनों पक्ष शादी के लिए राजी हो गए।

जन प्रतिनिधि भी हुए सम्मिलित

पुलिस ने थाने के बाहर बने मंदिर में शादी का आयोजन किया। मंत्रोच्चार के बीच दोनों पक्षों ने सात फेरे लिए। शादी में बड़वारा विधायक विजय राघवेन्द्र सिंह सहित क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी पहुंचे थे। दोनों पक्षों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए जन प्रतिनिधियों और पुलिस ने उपहार भी भेंट किए।

पुलिस द्वारा शादी के बाद भोजन की व्यवस्था भी की थी। वैवाहिक कार्यक्रम पूरा होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को उनके गांव भिजवाया।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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