मुड़वानी डैम के समीप लगने वाले जाम से मिलेगा राहत

कोयला वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग ही मात्र विकल्प

सिंगरौली, मध्यप्रदेश। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के जयंत क्षेत्र से सड़क मार्ग द्वारा सिंगरौली रेेलवे साइडिंग तक किये जा रहे कोयला परिवहन से अक्सर लगने वाले जाम से नागरिक आवागमन बाधित होता रहा है। चितरंगी व नगर निगम के मोरवा जोन की लगभग तीन-साढ़े तीन लाख जनसंख्या को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला सिंगरौली-जयंत मार्ग अक्सर टूटा फूटा व गड्ढों से युक्त व कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों के कारण जानलेवा दुर्घटनाओं का जन्मदाता एवं कोल डस्ट से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण का भी सबब रहा है।

नये मार्ग से प्रेषण प्रारंभ

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के जयंत क्षेत्र ने फिलहाल खदान से सीधे एक नया आंतरिक मार्ग बनाकर कोयला प्रेषण प्रारंभ कर दिया है। इससे मुड़वानी डैम होकर आने जाने वाले ट्रकों में कमी आएगी व उसके आस-पास के क्षेत्र में धूल, प्रदूषण व ट्रैफ़िक की समस्या में कमी जरूर आएगी। लेकिन यह स्थाई नहीं वरन् सामान्य विकल्प ही है। वस्तुतः जयंत-सिंगरौली रेलवे साइडिंग तक भारी कोयला वाहनों के लिए पृथक सड़क अथवा कन्वेयर के द्वारा कोयला प्रेषण ही मात्र सुरक्षित विकल्प होगा।

सीधी सड़क से कुछ राहत

हालांकि कोयला परिवहन के लिए इस नई सड़क के बन जाने से जयंत परियोजना से सिंगरौली रेल्वे साईडिंग तक कोयले की ढुलाई में लगे ट्रक अब जयंत खदान से आंतरिक सड़क के माध्यम से सीधे मेढ़ौली सब-स्टेशन के पास निकलेंगे और जयंत वर्कशॉप से होकर मुड़वानी डैम के रास्ते से गुजरने वाले लगभग 600 ट्रकों के लोड की आवाजाही में कमी आएगी।

कंपनी द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार जयंत परियोजना एनसीएल की सबसे बड़ी खदानों में से एक है। इस परियोजना को चालू वित्त वर्ष में 22 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 23.35 मिलियन टन कोयला प्रेषण का भार है। परियोजना के कोयला प्रेषण का आंशिक भाग देश के विभिन्न कोयला उपभोग कर्ताओं की आपूर्ति के लिए सिंगरौली रेल्वे साईडिंग तक ट्रकों के माध्यम से पहुंचाया जाता है।

बताया गया है कि एनसीएल की निगाही व दुधिचुआ परियोजनाएं भी इस दिशा में कार्य कर रही हैं व जल्द ही अपने आंतरिक मार्ग से कोयला प्रेषण की शुरुआत करेंगी। एनसीएल सिंगरौली परिक्षेत्र में हरित खनन को बढ़ावा देकर सतत खनन एवं विकास लिए नित प्रयासरत है और इस दिशा में लगातार सकारात्मक कदम उठा रही है।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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