सिंगरौली कलेक्टर राजीव रंजन मीना का एक साल कई मायनों में रहा बेमिसाल

कोविड की दूसरी लहर में दिखाया प्रबंधन कौशल, बंद पड़ी परियोजनाओं को कराया शुरू

सिंगरौली। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने गत 10 जून को सिंगरौली में अपनी पदस्थापना का एक सफलतम कार्यकाल पूरा कर लिया। वैश्विक महामारी कोविड-19 की भयावह दूसरी लहर में जिले को अपनी कुशलता से रेड जोन से बाहर निकाल कर ग्रीन जोन में ला खड़ा किया। मीना अत्यंत सरल, सहज, कर्तव्यनिष्ठ, कुशल मार्गदर्शक होने की वजह से मुख्यमंत्री चौहान व स्थानीय जन प्रतिनिधियों तथा औद्योगिक संस्थानों के प्रिय एवं व्यवस्था प्रबंधन के कारण लोकप्रिय कलेक्टर हैं। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल बैठाकर जिले में कोरोना उपचार हेतु जहां ऑक्सीजन बेड, आईसीयू , वेंटिलेटर , आइसोलेशन व नार्मल आइसोलेशन के लगभग 2000 बेड की सुदृढ़ व्यवस्था से लेकर बहु प्रतीक्षित हवाई पट्टी, गोंड वृहद सिंचाई परियोजना, सीधी- सिंगरौली राष्ट्रीय राज्य मार्ग निर्माण कार्य का पुनः टेंडर व जिले में 1200 करोड़ की लागत से नल जल परियोजना शुरू करवाने सहित शिक्षा के क्षेत्र में किये गए अभूतपूर्व कार्य किये स्मरणीय रहेंगे।

सिंगरौली में एक वर्ष का स्मरणीय कार्यकाल पूरा होने पर कलेक्टर मीना ने एक वर्ष की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि जिले में विगत वर्ष 2020 जून तक कोविड के प्रारम्भ में कोविड उपचार हेतु आधारभूत व्यवस्थाओं का अभाव था एवं सभी को डर लगा रहता था कि यदि कोविड हो गया तो उपचार कहाँ कराया जायेगा, भर्ती कहाँ होंगे, क्योंकि जिले में सीमित मात्रा में ही बेड, आक्सीजन बेड, आईसीयू एवं सम्बंधित दवाइयाँ उपलब्ध थीं। विगत एक वर्ष में कोविड की दूसरी एवं तीसरी लहर की संभावना के दृष्टिगत जिला प्रशासन के द्वारा कोविड उपचार के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की गई। कलेक्टर श्री मीना ने बताया कि सिंगरौली राज्य का एकमात्र जिला था जहां के सभी निवासियों को पूर्ण विश्वास था कि जिले में कोई भी व्यक्ति ऑक्सीजन की कमी से अपनी जान नहीं गंवायेगा। जिले में ऑक्सीजन का न केवल पर्याप्त स्टॉक रहा है बल्कि आस पास के कई जिलों की मांग की पूर्ति के लिए भी उपलब्ध रखा गया था। इसकी सतत निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही थी, सिंगरौली जिला प्रशासन द्वारा राज्य के कई जिलों में आक्सीजन आपूर्ति कर लोगों की जान बचाने का कार्य भी किया गया, जिनमें से मुख्य रूप से कटनी, रीवा, बालाघाट, छिंदवाड़ा, राजगढ़, शिवनी, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, सीधी आदि जिले सम्मिलित हैं।

जून 2020 व जून 2021 का तुलनात्मक विवरण

ज्ञात हो कि गत वर्ष 2020 में कोरोना उपचार हेतु जिले में आइसोलेशन ऑक्सीजन बेड 44 , आइसोलेशन ऑक्सीजन बेड पाइप लाइन 30, आईसीयू 5 ,वेंटिलेटर 2 ,नॉर्मल बेड 179, कोविड केयर सेंटर 3 कोविड केयर सेंटर आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन सहित 0, कोविड केयर सेंटर आइसोलेशन बेड बिना ऑक्सीजन 200 व एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस 1 की सीमित व्यवस्था थी। वहीं 2021 जून तक यह वृहद रूप में आ गया। कलेक्टर श्री मीना के नेतृत्व में जिले में अब आइसोलेशन ऑक्सीजन बेड 443, आइसोलेशन ऑक्सीजन बेड सेंट्रल पाइप लाइन 100 , आईसीयू 26, वेंटिलेटर 10,नार्मल आइसोलेशन बेड 550 ,कोविड केयर सेंटर 9, कोविड केयर सेंटर आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन सहित 161, कोविड सेंटर आइसोलेशन बेड बिना ऑक्सीजन 389 व एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस 3 की व्यवस्था उपलब्ध है।

जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर की सुदृढ़ हुई व्यवस्था

जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में 2020 के जून तक आइसोलेशन ऑक्सीजन बेड 30 , आइसोलेशन बेड 37 , आईसीयू 0, वेंटिलेटर 0, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस 0 , आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब 0 व सीटी स्कैन 0 था। लेकिन 2021 में पूरी तस्वीर कलेक्टर मीना ने बदलकर रख दी। वर्तमान समय में ट्रामा सेंटर में आइसोलेशन ऑक्सीजन बेड 217 , आइसोलेशन बेड 37, आईसीयू 12, वेंटिलेटर 8 ,एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस 2 , आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब 1 व सीटी स्कैन लगाने की प्रक्रिया चल रही है। सम्भवतः कुछ ही सप्ताह में वह भी लग जायेगा।

गोंड वृहद सिंचाई परियोजना का कार्य प्रारम्भ

एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने 2017 में प्रशासकीय स्वीकृति व 2018 में तकनीकी स्वीकृति के बाद भी सिंचाई परियोजना का कार्य शुरू नहीं हुआ था जिसका कार्य शुरू कराया। इसके निर्माण का कार्य कंपनी मे. पीएएल गोंड प्रोजेक्ट हैदराबाद अगले चार वर्ष में पूरा करेगी।

हवाई पट्टी निर्माण शुरू, जिले में 2023 तक हर घर को मिलेगा नल से जल

सिंगरौली जिले को महानगरों से जोड़ने व जिले के औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक व बहुप्रतीक्षित सिंगरौलिया हवाई पट्टी का शिलान्यास 13 दिसंबर 2020 को होने के बाद हवाई पट्टी का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। हवाई पट्टी के निर्माण की समय सीमा मात्र 8 माह है। इसके अलावा पूरे जिले के ग्रामीण अंचल में घर घर पानी पहुंचाने जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1200 करोड़ रुपये की परियोजना सिंगरौली कलेक्टर के प्रयास से स्वीकृत हुई है। कलेक्टर श्री मीना की मानें तो 2023 तक जिले के हर घर तक पानी पहुंचेगा।

जिलेे के 175 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास

वैश्विक महामारी में प्रभावित हो रहे जिले के शिक्षा व्यवस्था को कुछ हद तक पटरी पर लाने के लिए संवेदनशील सिंगरौली कलेक्टर श्री मीना ने 450 लाख की लागत से जिले के 175 विद्यालयीन परिसरों में ऑनलाइन क्लास संचालित किए जाने हेतु स्मार्ट क्लास का सेटअप लगवाया। जहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन क्लासेस से बच्चों को अध्ययन कराया जा सके।

राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के निर्माण हेतु बनायी राह

जिले में बहुप्रतीक्षित सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य जो विगत कई वर्षों से लंबित रहा है , काफी प्रयास के बाद उसका पुनः टेंडर की कार्यवाही की अनुमति शासन स्तर से प्राप्त हुई। इसके अलावा मार्ग के निर्माण में भू अर्जन से संबंधित बाधाओं का निराकरण जिला प्रशासन द्वारा कराया गया।

गौरतलब है कि वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से जनता जनार्दन की जान बचाने के लिए पीएम व सीएम के साथ ही कलेक्टर मीणा को भी याद किया जाएगा। इस जिले के लिए सिंगरौली कलेक्टर को उनके दृढ़ निश्चय व कुशल नेतृत्व से जिले को रेड जोन से ग्रीन जोन में पहुंचाने का श्रेय तो दिया ही जा रहा है, बल्कि यदि तीसरी लहर आती है तो कोविड के उपचार हेतु भारी भरकम व्यवस्था कराने क्रेडिट भी दिया जाएगा।

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