रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच एनसीएल में आया अत्याधुनिक ईकेजी 20 केएम रशियन शॉवेल

CMD भोला सिंह ने हरी झंडी फहराकर भारी भरकम मशीन को किया राष्ट्रार्पित

singraulitimes.com

मध्य प्रदेश, सिंगरौली

कोविड-19 के भयावह कालखण्ड के शिथिल होने के साथ ही नाटो विवाद को लेकर रूस और उक्रेन के बीच प्रारंभ हुए सैन्य संघर्ष का सामान्यतः विश्व व्यापी आर्थिक प्रभाव पड़ा और यह प्रभाव दिनों दिन गहराता ही जा रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए अनेक प्रतिबंधों के साथ ही ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजराइल व अन्य विकसित देशों द्वारा रूस के विरुद्ध लगाए गये सैंक्शन्स के इतर भारत ने देश हित में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को जिस मुखरता और दृढ़ता से वैश्विक मंच पर रखा उसकी एक बानगी शुक्रवार को प्रत्यक्ष देखने को मिली।

बीते शुक्रवार को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सब्सिडियरी मिनि रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स (NCL) में पूर्व में हुए सौदों के अनुरूप द्रुत खनन कार्य के लिए उपयोगी 20 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले अत्याधुनिक रशियन शॉवेल मशीन का विधिवत लोकार्पण किया गया। एनसीएल के सीएमडी भोला सिंह ने कंपनी के निगाही क्षेत्र में इस विशाल शॉवेल को नियोजित कर राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान श्री सिंह ने शॉवेल में संचालन केबिन का निरीक्षण किया एवं इसकी तकनीकी विशेषताओं व क्षमता के बारे में निर्माता कंपनी के प्रतिनिधियों से विस्तार में चर्चा की।

CMD NCL RECEIVING THE KEY OF EKG 20 KM SHOWEL.

विश्व की सर्वश्रेष्ठ आधुनिकतम मशीनों से सुसज्जित एनसीएल, देश की कोयला आत्मनिर्भरता के लिए है प्रतिबद्ध – भोला सिंह

मशीन के उदघाटन के पश्चात अपने उद्बोधन में सीएमडी श्री सिंह ने नई शॉवेल के नियोजन पर निगाही क्षेत्र को बधाई दी। उन्होंने इस विशालकाय अत्याधुनिक मशीन की समुचित देखरेख व क्षमता के भरपूर उपयोग के लिए उन्नत प्रशिक्षण व नई तकनीक को सीखने की आवश्यकता पर विशेष ज़ोर दिया।उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने एवं एनसीएल की प्रतिबद्धता को पूरा करने में ये मशीनें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। श्री सिंह ने कहा कि एनसीएल में विश्व की सर्वश्रेष्ठ मशीनें तैनात हैं और इस नई शोवेल से एनसीएल की मशीनी क्षमता को मजबूती मिलेगी व उत्पादन लक्ष्यों को सुरक्षा के साथ हासिल करने में आसानी होगी।

इस अवसर पर एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/ संचालन) डॉ. अनिंद्य सिन्हा, निदेशक (वित्त) रजनीश नारायण, शोवेल निर्माता रूसी कंपनी आई-ज़ेड कर्टेक्स के निदेशक (तकनीकी) मेलनिकोव डिमित्री एलेक्सीविच, महाप्रबंधक निगाही क्षेत्र हरीश दुहान, एनसीएल की परियोजनाओं एवं मुख्यालय के महाप्रबंधक, निगाही परियोजना के विभागाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, श्रमिक संघ के प्रतिनिधि एवं कर्मचारीगण तथा कंपनी की भारतीय सहयोगी कंपनी एसआरबी के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक, निगाही श्री दुहान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं मशीन की विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया।

शॉवेल की विशेषताएं

स्टेट ऑफ द आर्ट तकनीकी से युक्त इस शॉवेल की बकेट क्षमता 20 क्यूबिक मीटर, कटिंग हाइट 17 मीटर और डम्पिंग हाइट 10.8 मीटर है। इस शॉवेल का उपयोग परियोजना में मुख्यतः अधिभार हटाने में किया जाएगा जिससे कंपनी को देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अनुरूप तय किए गए उत्पादन लक्ष्यों को हांसिल करने में मदद मिलेगी।

यह मशीने कंपनी की उत्पादकता , सुरक्षा एवं पर्यावरण जैसे मानकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं । इसके पूर्व दूधीचुआ क्षेत्र में भी रूस में निर्मित ईकेजी-20 केएम मॉडल का नियोजन किया जा चुका है।

ज्ञात हुआ है कि निकट भविष्य में एनसीएल के बेड़े में ईकेजी-20 केएम मॉडल के रूस में निर्मित 9 और शॉवेल तैनात होंगे। इनमें से 6 चालू वित्त वर्ष 2022-23 में ही आने की संभावना है। एनसीएल शॉवेल के समकक्ष बड़ी एवं आधुनिक तकनीकी से लैस डंपर भी तैनात कर रही है। वर्तमान में 190 टन श्रेणी के 93 डंपर कार्यरत हैं तथा 52 नए डंपर आने की प्रक्रिया में हैं। साथ ही एनसीएल के समृद्ध मशीनी बेड़े में शीघ्र 4 नई ड्रैगलाइन एवं अन्य भारी मशीनें भी शामिल होंगी जिससे एनसीएल के बेड़े को और मजबूती मिलेगी व देश की ऊर्जा आकांक्षों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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