बहु ने निभाया बेटे का फर्ज

कोरोना काल में संबंध एवं कर्तव्य निभाने के मामले में असंवेदनशीलता और घृणास्पद स्वार्थों से जुड़े अनेक अनेक उदाहरण सामने हैं, लेकिन असम राज्य में गुवाहाटी के समीप एक गाँव की बहु ने अपनी कर्तव्य परायणता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिसे दशकों तक याद किया जाएगा। इस खबर को पढ़ने के बाद आप भी कह उठेंगे कि बहु हो तो ऐसी, निहारिका जैसी!

क्या किया निहारिका ने
निहारिका के ससुर को कोरोना हो गया था। हालत काफी खराब थी। पति आजीविका कमाने बाहर गया हुआ था और बीमार बुजुर्ग को अस्पताल तक पहुंचने का कोई साधन नहीं मिल रहा था। तब बहू निहारिका ने अपने कोरोना पॉजिटिव ससुर को पीठ पर लादा और अस्पताल तक पहुंचाया।

अपने ससुर को पीठ पर उठाए निहारिका का चित्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हर तरफ से उसे आशीर्वाद और शुभेच्छा मिल रहा है। निहारिका गुवाहाटी के समीप राहा भाटीगांव की रहने वाली है। उसके ससुर थुलेश्वर दास 75 वर्ष के हैं।

वह भी हुई पॉजिटिव

निहारिका के पति सूरज काम के सिलसिले में घर से दूर रहते हैं। इसलिए निहारिका अपने ससुर की देखभाल करती है। जब उन्हें कोरोना हुआ तो निहारिका ने समय गंवाए बिना उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का फैसला किया। साधन नहीं मिलने पर बुजुर्ग को पीठ पर लादा और पहुंच गई अस्पताल। वहाँ निहारिका का भी सैंपल लिया गया था जो पॉजिटिव निकला।

स्थानीय अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने थुलेश्वर दास को जिला कोविड सेंटर में भर्ती होने को कहा और निहारिका को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी। तब निहारिका ने अपने ससुर को अस्पताल में अकेले छोड़ने से इंकार कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने जरूरी इलाज दिया और दोनों को एंबुलेंस से नगांव भोगेश्वरी फुकानानी सिविल अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। पिछले पांच दिनों से दोनों का वहाँ उपचार किया जा रहा है।

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