नगर परिषद् बरगवां व सरई के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव आज

दोनों नगर परिषदों में किसी भी दल के पास नहीं है बहुमत, जोड़ तोड़ व पार्षदों के खरीद फरोख्त की कवायद तेज

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मध्यप्रदेश, सिंगरौली

प्रदेश में नवगठित नगर परिषदों में सिंगरौली जिले में दो, बरगवां एवं सरई नगर परिषदें हैं। इन दोनों ही परिषदों के 15-15 वार्डों के लिये गत माह हुए चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, आप, गोंगपा व अन्य दलों तथा निर्दलियों ने लंगोट कसी थी। लेकिन चुनाव के परिणामों ने सभी को भारी उलझन में डाल दिया। सरई में गोंणवाना गणतंत्र पार्टी 6 पार्षदों के साथ सबसे बड़ा दल तो है, लेकिन यहाँ से सबसे अधिक 6 निर्दलीय कैंडिडेट चुनाव जीतकर आए हैं। 8 बहुमत का आंकड़ा है, सो ये लोग आपसी तालमेल बैठा लें तो सरई में इनकी भी सत्ता हो सकती है। दूसरी ओर बरगवां में 6 सीटों पर जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में अवश्य है, फिर भी अपेक्षित बहुमत के लिए दो पार्षदों की कमी रही। हाल ही 3 निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की बात कही जा रही है।

आज, 17 अक्टूबर को दोनों परिषदों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव एवं प्रथम सम्मिलन का आयोजन किया जाएगा। नवगठित दोनों परिषदों में भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंककर दोनों जगह अपना अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर सकती है।

ज्ञात हो कि बरगवां में भाजपा की ओर से विधायक सुभाष रामचरित वर्मा की भाभी आरक्षित अजा अध्यक्ष पद के लिए प्रमिला देवी दावेदार हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद के दावेदारों में मंगल सिंह का नाम लिया जा रहा है। जबकि आम आदमी पार्टी के 5 पार्षद निर्वाचित हैं। चर्चा है कि आम आदमी पार्टी से प्रियंका साकेत व उर्मिला देवी बसोर की दावेदारी प्रबल है। उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से मंगल सिंह, पूनम बैस एवं अर्चना बियार के नामों की चर्चाएं हैं। भाजपा इन्हीं में से किसी एक को उम्मीदवार तय कर सकती है। आम आदमी पार्टी की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए मेयर ननि सिंगरौली, रानी अग्रवाल की बहू रीतू अग्रवाल एवं रमेश कुमार बैस प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। मेयर रानी अग्रवाल गुणा-भाग लगाते हुए अपनी बहू को आगे कर सकती हैं। वहीं नगर परिषद् सरई में भाजपा, कांग्रेस के केवल दो-दो पार्षद ही निर्वाचित हुए हैं। गोंगपा के सबसे ज्यादा 5 एवं 6 निर्दलीय प्रत्याशी जीत का परचम लहराते हुए भाजपा, कांग्रेस को पछाड़ दिया है। अब सूत्र बता रहे हैं कि सरई में निर्दलियों को जोडऩे के लिए भाजपा के नेता ऐंड़ी चोटी का जोर लगाये हुए हैं। चर्चाएं यहां तक हैं कि निर्दलीय जिसमें प्रेम सिंह भाटी, रेशमा-बब्लू, राम सजीवन बसोर एवं संतोष जायसवाल का समर्थन भाजपा को मिल सकता है। भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद के लिए सुमन सिंह पति गंगा जायसवाल को मैदान में उतार सकती है। उपाध्यक्ष पद के लिए प्रेम सिंह भाटी पर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गोंगपा की ओर से अनुराधा सिंह गोंड़ के नाम पर पहले से ही मुहर लग चुकी है। उपाध्यक्ष पद के लिए राघो सिंह, अजमेर सिंह किसी एक पर गोंगपा दाव लगायेगी। सरई नगर परिषद् अजजा महिला के लिए आरक्षित है। दोनों नगर परिषदें में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर काफी गहमा गहमी का माहौल है। साथ ही पार्षदों के खरीद फरोख्त की भी चर्चाएं शुरू हैं। जानकार बता रहे हैं कि जो दल जितना ज्यादा खर्च करेगा पलड़ा उसी का भारी होगा। बरगवां में भाजपा, आप व सरई में गोंगपा,भाजपा के बीच टक्कर है।

एक सप्ताह से गोंगपा व आप के पार्षद भूमिगत

खरीद फरोख्त से बचाने के लिए आम आदमी पार्टी व गोंगपा के नेताओं ने अपने ही पार्षदों को भूमिगत करा दिया है। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि यदि मौका मिल जायेगा तो पार्षद खरीद लिये जायेंगे। इसके डर से गोंगपा के सभी पांच पार्षदों को अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है। करीब एक सप्ताह से सरई नगर परिषद् से निर्वाचित गोंगपा के पार्षदों का पता नहीं चल रहा है। कल सोमवार को चुनाव के वक्त उन्हें लाया जायेगा। वहीं बरगवां में आम आदमी पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षद भी मेयर के कब्जे में हैं। उन्हें भी इसी बात का डर सता रहा है। हालांकि यहां पार्षदों को खरीदने के लिए एक-दूसरे से कम नहीं दिख रहे हैं। पार्षद बिकेंगे की नहीं इस पर कुछ कह पाना अभी जल्दबाजी होगी। कल सोमवार को दोपहर स्थिति साफ हो जायेगी।

बरगवां, सरई के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त

नगर परिषद् बरगवां एवं सरई में आम निर्वाचित के दौरान कल 17 अक्टूबर को दोनों नगर परिषदें में अध्यक्ष पद के निर्वाचन होना नियत है। इस लिहाज से कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट एसडीएम देवसर विकास सिंह ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति किया है। नगर परिषद् बरगवां के लिए राज कुमार रावत नायब तहसीलदार देवसर एवं सरई नगर परिषद् के चुनाव के लिए सुमित गुप्ता नायब तहसीलदार देवसर को नियुक्त किया है। इन्हें निर्देशित किया गया है कि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था बनाये रखना सुनिश्चित करें।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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