ग्रामीणों ने पुलिस थाना में की सडक़ चोरी होने की रिपोर्ट

मामला जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत मेडऱा का

सिंगरौली/सीधी।

मध्यप्रदेश के सीधी जिले के जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत मेडरा में कागजों में ही दूसरी बार भी सडक़ बना दी गई और 20 लाख रुपए का खर्च भी दर्शा दिया गया है। कागजों में भले ही एक किलोमीटर लंबाई की सडक़ पीसीसी के रूप में दर्ज हो गई, लेकिन मौके पर स्थिति यह है कि थोड़ी सी बारिश होने पर भी लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। ग्राम पंचायत की ओर से 20 लाख रुपए खर्च करके कागजों में दूसरी बार सडक़ बन जाने की जानकारी जब स्थानीय ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने जो कुछ किया वह काफी रोचक भी है और चर्चाओं में भी है। ग्रामीणों ने अलग तरीके से शिकायत दर्ज करानें की पूरी कार्ययोजना बनाई। सभी ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र में यह कहना शुरू कर दिया कि मेडऱा पंचायत में एक किलोमीटर लंबाई की बनी पीसीसी सड़क अचानक रात में किसी ने चोरी कर ली गई है। इतने शातिराना तरीके से पीसीसी सड़क की चोरी की गई है कि मौके पर सडक़ होने का कोई प्रमाण तक नहीं है। ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से सबसे पहले जनपद पंचायत मझौली के सीईओ के यहां सडक़ चोरी होने की शिकायत की गई। एक किलोमीटर लंबी पीसीसी सडक़ के अचानक रात में ही चोरी हो जाने की जानकारी सुनकर सीईओ भी हैरत में पड़ गए।

सीईओ का कहना था कि यह पहली बार सुन रहे हैं कि रातों-रात बनी सडक़ चोरी हो गई। मैं अभी नया आया हूं इस वजह से पूरे मामले की जांच कराने के बाद ही कुछ कहने की स्थिति में रहूंगा।

तब ग्रामीणों द्वारा सडक़ चोरी की रिपोर्ट मझौली थाना में भी पहुंचकर आवेदन देते हुए की गई। ग्रामीणों ने पुलिस से फरियाद किया कि 20 लाख की बनी बनाई सडक़ अचानक रात में चोरी हो गई है। पुलिस अब इस मामले में विवेचना कर चोरी गई सडक़ का पता लगाए और दोषियों पर कार्यवाई करे। चर्चा के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2017 में मेडऱा में पहले मुरुम डालकर सडक़ बनाई गई थी। जिसकी लागत 10 लाख रुपए थी। सडक़ बननें के 4-5 महीने बाद ही इस सडक़ के ऊपर कंक्रीट सडक़ 10 लाख की लागत से पंचायत द्वारा बना दी गई।

भाजपा नेता ने की गहन जांच की मांग

हैरत की बात यह है कि 20 लाख की सडक़ बन गई और ग्रामीण मौके पर आज भी मिट्टीयुक्त गड्ढे से पटी सडक़ से निकलनें को मजबूर हैं। वहीं एक स्थानीय भाजपा नेता का कहना था कि मेडऱा गांव के लोगों ने सडक़ चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। वास्तव में यह भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। जिम्मेदार लोगों ने 20 लाख रुपए सडक़ बनानें के नाम पर आहरित कर लिए। कागजों में ही सडक़ बन गई और मूल्यांकन होने के बाद राशि भी हजम हो चुकी है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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