ध्वस्त हुई जरहां पुल निर्माण का मामला: क्या हैण्ड ब्रोकेन गिट्टी और मानक विरुद्ध सरिया का हुआ था इस्तेमाल?

 

गहन विशेषज्ञ जांच और कठोर कार्यवाही से ही विकास मद के दुरुपयोग पर लग सकेगा लगाम

सिंगरौली। एनसीएल अमलोरी परियोजना के सीएसआर फण्ड से वैढ़न विकासखण्ड के जरहां पंचायत क्षेत्र में वर्ष 2018-19 में लगभग साढ़े 3 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी सड़क एवं पुलिया का निर्माण किया गया था। किन्तु गत सप्ताह इस पुलिया के ध्वस्त होने के बाद इसके निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री और मानकों को लेकर चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।

घटना में एक मासूम की हुई थी मौत

ज्ञात हो कि गत 5 व 6 अगस्त की रात जरहां नाले पर बनी पुलिया से जब एक ईको वैन गुजर रही थी तभी यह पुल भरभरा कर पेड़ की कमजोर टहनी की तरह टूटकर ध्वस्त हो गई थी। इस हादसे में वैन में सवार एक 3 साल का मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसकी बाद में एक निजी नर्सिंग होम में मृत्यु हो गई थी। वहीं 7 लोग घायल हो गये थे।

एनसीएल की ओर से अब तक नहीं आया स्पष्टीकरण

इस अप्रत्याशित दुर्घटना में मृतक मासूम अमर शाह के माता-पिता भी गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इस घटना के बाद पुलिया एवं सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर एनसीएल प्रबंधन की जमकर आलोचना व भ्रष्टाचार, राशि की बंदरबांट व भारी अनियमितता के आरोप लगे। हालांकि एनसीएल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई सफाई नहीं आयी है जो एनसीएल प्रबंधन की कार्यशैली एवं सीएसआर फण्ड के उपयोग को लेकर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। इससे एनसीएल की छवि भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का गंभीर आरोप

रविवार को जरहां के कई ग्रामीण जमींदोज हुई पुलिया पर पहुंचे थे और पुल के मलबे को बारीकी से देखा और उसके चित्रों को मीडिया से साझा करते हुए जिस तरह का अनुमान जताया है वह न केवल चिंताजनक है, अपितु त्वरित गहन जांच कराते हुए अविलंब कठोर कार्यवाही किये जाने के योग्य हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्टील सरिया एवं कंकरीट का उपयोग आवश्यक मानक के विपरीत किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण कार्य में हैण्ड ब्रोकेन 40 एमएम साइज के गिट्टियों का उपयोग किया गया है और पुलिया निर्माण में सरिया डालने में भी कमी की गई है। एक से डेढ़ फीट की दूरी पर करीब 16 एमएम की निम्न स्तर की सरिया डाला गया था।

निर्माण के समय भी की थी शिकायत

 

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिया एवं आरसीसी सड़क निर्माण कार्य के दौरान भी गुणवत्ता विहीन मटेरियल को लेकर उसी समय जमकर विरोध भी हुआ था। किन्तु क्रियान्वयन एजेंसी के अधिकारियों ने किसी की नहीं सुनी और अब परिणाम सामने है।

उनका कहना है कि पुलिया के ढह जाने से एक बच्चे की जान भी चली गयी। क्रियान्व्यन एजेंसी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। जिन अधिकारियों के द्वारा कार्य का मूल्यांकन किया गया था उनके विरुद्ध साजिशन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।

ग्रामीणजन आज सौंपेंगे ज्ञापन

करोड़ों रुपये की लागत से जरहां गांव में बनी आरसीसी सड़क व पुलिया के घ्वस्त होने के बाद क्रियान्वयन एजेंसी एनसीएल की अमलोरी परियोजना के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है। जरहां गांव के युवा समाजसेवी पप्पू सिंह ने बताया कि घटिया निर्माण कार्य के चलते पुलिया ध्वस्त हुई है। दर्जनों गांवों का आवागमन चार दिनों से ठप्प है। इस अहम मसले को लेकर आज सोमवार को कलेक्टर सिंगरौली को सभी ग्रामीणजन ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों एवं संविदाकार के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने की मांग करेंगे।

Rohit Gupta

A journalist, writer, thinker, poet and social worker.

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